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कानपुर साउथ जोन में 7,300 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें, करीब ₹18 करोड़ का नुकसान

‘नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड’ अभियान के तहत बजाज फाइनेंस ने लोगों को किया जागरूक, समय पर रिपोर्टिंग से ₹6.27 करोड़ की ठगी रोकी गई

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच लोगों को डिजिटल फ्रॉड से बचाने और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बजाज फाइनेंस लिमिटेड की ओर से कानपुर नगर में ‘नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड’ जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल हाइजीन और ठगी होने की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के महत्व के बारे में लोगों को जानकारी दी गई।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कानपुर साउथ जोन में अप्रैल 2025 से अब तक साइबर अपराध की 7,300 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन मामलों में लोगों को करीब 18 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, समय पर शिकायत और कार्रवाई के चलते करीब 6.27 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को ब्लॉक किए जाने की बात भी सामने आई है।

QR कोड से फर्जी KYC तक, नए तरीकों से ठगी

साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। QR कोड फ्रॉड, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, फर्जी लोन एप्लीकेशन, बिजली कनेक्शन काटने के फर्जी संदेश और ऑनलाइन ऑफर के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

अभियान का उद्देश्य लोगों को ऐसे साइबर खतरों की पहचान करने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना है।

‘स्मार्टफोन’ के साथ स्मार्ट सतर्कता भी जरूरी

साउथ जोन साइबर सेल के इंचार्ज सानित मलिक ने लोगों को डिजिटल सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कहा कि केवल स्मार्टफोन रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक यूजर को साइबर अपराधियों से अधिक सतर्क और जागरूक होना होगा।

उन्होंने लोगों से डिवाइस को नियमित रूप से अपडेट रखने, अनावश्यक एप्लीकेशन हटाने, संदिग्ध लिंक और फर्जी ऑनलाइन ऑफर से बचने तथा OTP, PIN और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की।

महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी निशाने पर

किदवईनगर साइबर सेल की इंचार्ज आरती राजपूत ने बताया कि महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और बच्चे साइबर अपराध के लिहाज से संवेदनशील वर्गों में शामिल हैं। सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग और ई-लर्निंग एप्लीकेशन के जरिए महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

वहीं वरिष्ठ नागरिकों के साथ डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC वेरिफिकेशन कॉल, फर्जी निवेश योजनाओं और पहचान की नकल कर किए जाने वाले फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में परिवारों में डिजिटल जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है जितनी शारीरिक सुरक्षा।

फर्जी लोन और बिजली बिल के संदेश से रहें सावधान

साउथ जोन साइबर सेल के हेड कांस्टेबल राम अवतार यादव ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लोन एप्लीकेशन, बिजली बिल कटने के संदेश और QR कोड स्कैम जैसे तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

साइबर अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि ठगी होने की स्थिति में बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती समय में शिकायत करने से संदिग्ध लेनदेन को रोकने और रकम को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।

‘भरोसा करने से पहले सत्यापन करें’

बजाज फाइनेंस लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा कि ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल है। ‘नॉकआउट डिजिटल फ्रॉड’ अभियान के जरिए लोगों को साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

नागरिकों से अपील की गई कि भरोसा करने से पहले सत्यापन करें, क्लिक करने से पहले सोचें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तुरंत सूचना दें।

साइबर फ्रॉड की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है।

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