राजपुर ब्लॉक के चार गांवों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम, टिकाऊ खेती अपनाने पर दिया जोर
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत विकासखंड राजपुर के चार गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, दिलीप नगर और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सिलहरा, खोजफूल, पिटाकपुर और उमरपुर गांवों में कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान और डॉ. अरुण कुमार सिंह ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करने और खेती में टिकाऊ तरीकों को अपनाने के महत्व से अवगत कराया।
मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि ‘खेत बचाओ अभियान’ का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के नियमित एवं संतुलित उपयोग, उनके संरक्षण और टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि भूमि के स्वास्थ्य में सुधार और मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए उचित मृदा प्रबंधन आवश्यक है।
कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को कृषि भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने और फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए खेती को लंबे समय तक लाभकारी बनाया जा सके।
‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें मृदा संरक्षण तथा पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।


