गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र और नगर सर्वोदय मंडल के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन, वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम और निर्भीक पत्रकारिता में विद्यार्थी जी के योगदान को किया याद
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। अमर शहीद, महान पत्रकार एवं स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती पर गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र और नगर सर्वोदय मंडल के संयुक्त तत्वावधान में फूलबाग स्थित गणेश उद्यान के प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने गणेश शंकर विद्यार्थी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग उठाई। कार्यक्रम में उनकी निर्भीक पत्रकारिता, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए किए गए प्रयासों पर चर्चा की गई।
संस्था के अध्यक्ष दीपक मालवीय ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी द्वारा संपादित समाचार पत्र प्रताप ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके अनुसार, समाचार पत्र ने महात्मा गांधी के चंपारण आंदोलन से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित कर आंदोलन को व्यापक पहचान दिलाने में योगदान दिया।
दीपक मालवीय ने कहा कि चंपारण आंदोलन के दौरान बिहार से मोहम्मद यूनुस नामक पत्रकार को विद्यार्थी जी ने नियुक्त किया था, जिसके माध्यम से आंदोलन से जुड़ी खबरें कानपुर के प्रताप समाचार पत्र में प्रकाशित होती थीं। उन्होंने कहा कि इन खबरों के प्रकाशन से आंदोलन की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने में मदद मिली। उनके अनुसार, महात्मा गांधी के राष्ट्रीय स्तर पर उभरने में भी प्रताप समाचार पत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गांधीवादी जगदंबा भाई ने गणेश शंकर विद्यार्थी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें कानपुर का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी निर्भीक पत्रकार होने के साथ-साथ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में शामिल थे। उन्होंने अपनी लेखनी को अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का माध्यम बनाया और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
जगदंबा भाई ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने सांप्रदायिक सद्भाव और इंसानियत की रक्षा के लिए आजीवन प्रयास किए। सामाजिक एकता और भाईचारे के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव कायम रखने के प्रयासों के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देकर मानवता और त्याग की मिसाल पेश की।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गणेश शंकर विद्यार्थी के विचारों और आदर्शों को याद करते हुए निर्भीक पत्रकारिता, सामाजिक न्याय और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और समाज के प्रति समर्पण को व्यापक स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए।
इस अवसर पर जगदंबा भाई, छोटे भाई नरोना, महेश शर्मा, बिंदा भाई, कौशल शर्मा, एडवोकेट राजेंद्र त्रिपाठी, एडवोकेट भारतेंदु पुरी, नसीम रजा, राकेंद्र मोहन तिवारी, महेश पांडे, रंजन द्विवेदी, राकेश मिश्रा, बी.डी. जायसवाल, मोना सूर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


