अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पैरा खिलाड़ी की नियुक्ति से एशिया में दिव्यांग डार्ट्स के विकास को मिलेगी नई दिशा, WDDA प्रमुख टेड मैकमिलन ने की घोषणा
- सौम्या पाण्डेय
कानपुर नगर। कानपुर के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पैरा खिलाड़ी एवं खेल प्रशासक महेंद्र प्रताप सिंह को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्ल्ड डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन (WDDA) ने उन्हें एशिया महाद्वीप का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। संगठन के प्रमुख टेड मैकमिलन ने अपने आधिकारिक फेसबुक ग्रुप के माध्यम से इस नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने भारत में दिव्यांग डार्ट्स के विकास के लिए महेंद्र प्रताप सिंह के अनुभव, समर्पण और प्रयासों की सराहना की।
महेंद्र प्रताप सिंह की यह नियुक्ति कानपुर के खेल जगत और देश में दिव्यांग खेलों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद उन्होंने खेल प्रशासन और संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। अब एशिया महाद्वीप में नई जिम्मेदारी मिलने से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांग डार्ट्स के विकास में योगदान देने का अवसर मिलेगा।
महेंद्र प्रताप सिंह ने खिलाड़ी के रूप में प्राप्त अनुभव को दिव्यांग खेलों के विकास से जोड़ते हुए प्रतियोगिताओं के आयोजन, खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध कराने और खेल संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया है। डार्ट्स, पैरा क्रिकेट और अन्य दिव्यांग खेलों से जुड़ी गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। उनका उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराना है।
भारतीय डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन (IDDA) से जुड़े महेंद्र प्रताप सिंह भारत में दिव्यांग डार्ट्स को संगठित पहचान दिलाने के प्रयासों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। कानपुर में आयोजित प्रथम पैरा डार्ट्स राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 सहित विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से इस खेल को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। पैरा क्रिकेट और अन्य दिव्यांग खेलों में भी उनकी सक्रियता खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को सामने लाने पर केंद्रित रही है।
महेंद्र प्रताप सिंह क्रीड़ा भारती, कानपुर प्रान्त में दिव्यांग प्रमुख की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। इस भूमिका के तहत वे दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने और समाज में समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं। खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना भी उनके प्रयासों का हिस्सा है।
WDDA में एशिया महाद्वीप के कोऑर्डिनेटर के रूप में महेंद्र प्रताप सिंह संगठन के बोर्ड और नेतृत्व के साथ समन्वय बनाए रखेंगे। उनकी जिम्मेदारी में एशियाई देशों में दिव्यांग डार्ट्स के विकास को प्रोत्साहित करना, विभिन्न खेल संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाना और खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को बढ़ावा देना शामिल होगा। इस नियुक्ति से भारत सहित एशिया के अन्य देशों में दिव्यांग डार्ट्स को अधिक संगठित स्वरूप देने और खिलाड़ियों के लिए नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
महेंद्र प्रताप सिंह का मानना है कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की प्रतिभा और क्षमता की सीमा नहीं होनी चाहिए। उचित प्रशिक्षण, संसाधन, प्रोत्साहन और अवसर मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी भी खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उनके प्रयास इसी सोच को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेलों से जोड़ने की दिशा में केंद्रित रहे हैं।
कानपुर के महेंद्र प्रताप सिंह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह जिम्मेदारी शहर के खेल समुदाय और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है। उनकी नियुक्ति से एशिया में दिव्यांग डार्ट्स के विस्तार, विभिन्न देशों के बीच खेल सहयोग को मजबूत करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


