HomeNEWSगोरखपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था चौपट, मुख्यमंत्री गोरखधंधा चला रहे...

गोरखपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था चौपट, मुख्यमंत्री गोरखधंधा चला रहे हैं : अखिलेश यादव

सपा प्रमुख ने जारी की गोरखपुर पर पुस्तिका, स्कूल बंद होने, स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर पड़ने और बढ़ते अपराधों को लेकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना

  • अखिलेश कुमार अग्रहरि

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल में गोरखपुर की शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर तीखा हमला बोला। समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में गोरखपुर जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने गोरखपुर को लेकर एक पुस्तिका जारी करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों से शिक्षा की पहली सीढ़ी ही छीन ली है। उनका दावा था कि पिछले दस वर्षों में गोरखपुर में लगभग 500 प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर मुख्यमंत्री अपना विश्वविद्यालय बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीब बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के बंद होने से शिक्षकों समेत करीब 1500 लोगों का रोजगार भी प्रभावित हुआ है।

स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए सपा प्रमुख ने दावा किया कि वर्ष 2017 से अब तक गोरखपुर में 68 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जिले में 77 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थे, जबकि अब केवल 9 ही बचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को कमजोर कर निजी अस्पतालों को बढ़ावा दे रही है। उनके अनुसार वर्ष 2017 में गोरखपुर में 37 निजी अस्पताल थे, जिनकी संख्या बढ़कर 501 तक पहुंच गई है।

कानून व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सबसे अधिक दौरे गोरखपुर के करते हैं, लेकिन इसके बावजूद जिले में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि दलितों के खिलाफ अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है और गोरखपुर प्रदेश में पहले स्थान पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 के बाद गोरखपुर में दलितों के खिलाफ अपराधों में 37 प्रतिशत और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सपा प्रमुख ने गोरखपुर में निर्माणाधीन परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर लिंक फोरलेन रोड के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और उद्घाटन के तुरंत बाद सड़क में गड्ढे पड़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के धन का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में बड़े पैमाने पर गरीबों की जमीनें छीनी गई हैं और तालाबों पर कब्जे हुए हैं।

मुख्यमंत्री पर राजनीतिक हमला करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रतिदिन उत्तर प्रदेश की पहचान को लेकर बयान देते हैं, जबकि वर्ष 2017 से पहले उनकी स्वयं की कोई पहचान नहीं थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास और सुशासन के अपने दावों पर खरी नहीं उतरी है और जनता अब वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है।

गोरखपुर जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद अखिलेश यादव ने घोषणा की कि जल्द ही गोरखपुर में समाजवादी पार्टी का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की तिथि संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद प्रदेश अध्यक्ष द्वारा घोषित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि बैठक में उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में गोरखपुर में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लिया है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस बार समाजवादी पार्टी गोरखपुर में भाजपा को कड़ी चुनौती देगी और विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

उल्लेखनीय है कि प्रेसवार्ता में लगाए गए आरोप एवं प्रस्तुत आंकड़े समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं के दावे हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments