जन्मतिथि प्रमाण के लिए Aadhaar Card अब मान्य नहीं, UP सरकार ने जारी किया नया निर्देश—जानें कौन सा दस्तावेज होगा स्वीकार

आधार कार्ड अब तक पहचान, पते और कई सरकारी प्रक्रियाओं में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज रहा है। बैंकिंग, स्कूल एडमिशन, सरकारी योजनाओं और वेरिफिकेशन में इसकी अहम भूमिका रहती है। लेकिन अब जन्मतिथि प्रमाण के लिए आधार कार्ड का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने नए निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि आधार कार्ड को जन्मतिथि प्रमाणपत्र के रूप में स्वीकार न किया जाए, क्योंकि इसमें दर्ज जन्मतिथि अक्सर अनुमानित होती है और इसे प्रमाणिक दस्तावेज नहीं माना जा सकता।
तो अब कौन सा दस्तावेज होगा मान्य?
जन्मतिथि सत्यापन के लिए अब प्रमुख रूप से जन्म प्रमाणपत्र (Birth Certificate) ही मान्य होगा।
यह प्रमाणपत्र निम्नलिखित द्वारा जारी किया जाता है—
- नगर निगम
- ग्राम पंचायत
- रजिस्ट्रार ऑफ बर्थ एंड डेथ
अगर जन्म प्रमाणपत्र न हो तो क्या करें?
जिन लोगों के पास जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है, वे नीचे दिए गए दस्तावेजों का उपयोग कर सकते हैं—
- हाईस्कूल मार्कशीट
- इंटरमीडिएट मार्कशीट
- स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट
- किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड का सर्टिफिकेट
ये दस्तावेज उम्र और जन्मतिथि के वैध प्रमाण माने जाएंगे।
जन्मतिथि प्रमाणपत्र कैसे बनवाएं?
जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नागरिक अपने स्थानीय नगर निगम, पंचायत कार्यालय या रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
इसके साथ निम्नलिखित सहायक दस्तावेज जमा करने होते हैं—
- अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप
- टीकाकरण कार्ड
- राशन कार्ड
- माता-पिता का हलफनामा
इन दस्तावेजों के आधार पर जन्मतिथि का पंजीकरण किया जाता है।



