करीब एक हजार परिवार आंशिक रूप से प्रभावित, 500 परिवारों को बांटी गई राहत किट; एनडीआरएफ तैनात, कम्युनिटी किचन से रोजाना 400 लोगों को भोजन
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। पांडु नदी के बढ़े जलस्तर के चलते कानपुर के निचले इलाकों में हुए जलभराव को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अंबेडकर नगर, पिपौरी समेत आसपास की बस्तियों में स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
अंबेडकर नगर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और विधायक सुरेंद्र मैथानी ने जलभराव प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री की किट वितरित की। प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 500 प्रभावित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

करीब एक हजार परिवार आंशिक रूप से प्रभावित
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार पांडु नदी से सटे निचले इलाकों में करीब एक हजार परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। ग्राम गुजैनी के मायापुरम और रविदासपुरम, पिपौरी, मर्दनपुर, मेहरबान सिंह का पुरवा, ग्राम जरौली के गोपाल नगर, वरुण विहार, बर्रा, पनका और बहादुर नगर क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि जलभराव मुख्य रूप से पांडु नदी के कैचमेंट एरिया में बसी निचली बस्तियों में हुआ है। प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पिपौरी में एनडीआरएफ की टीम तैनात
जलभराव को देखते हुए पिपौरी में एनडीआरएफ की टीम तैनात की गई है। टीम स्थानीय लोगों की सहायता कर रही है और जरूरतमंदों को सुरक्षित निकालने समेत अन्य आवश्यक मदद उपलब्ध करा रही है। एनडीआरएफ अधिकारियों के मुताबिक गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब एक से डेढ़ फुट पानी है, जो धीरे-धीरे कम हो रहा है।
कम्युनिटी किचन से रोजाना 400 लोगों को भोजन
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रतिदिन करीब 400 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो प्रभावित परिवार राहत शिविरों में नहीं पहुंचे हैं और अभी अपने घरों में रह रहे हैं, उन्हें भी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों से ऐसे परिवारों को चिह्नित कर उनके घरों तक राहत किट पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
गंगा-यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे
जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे है और इन नदियों को लेकर कोई विशेष समस्या नहीं है। पांडु एक मौसमी नदी है और इसके जलस्तर में वृद्धि के कारण आसपास के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी है।
जिला प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल प्रशासन से संपर्क करें।


