राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों के लिए जीएसटी मुक्त कैंटीन सुविधा की उठाई आवाज, पुरानी पेंशन और डीए मर्जर की भी मांग
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष राजा भरत अवस्थी की अध्यक्षता में एसजीएसटी भवन में परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मूलभूत मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। परिषद ने आगामी 8 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को वस्तुओं की खरीद पर जीएसटी से छूट देने का निर्णय लिए जाने की मांग की।
बैठक में परिषद की कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले वैट व्यवस्था के दौरान भी सरकारी कर्मचारियों को कई मामलों में कर संबंधी छूट का प्रावधान रहा है। परिषद का कहना है कि जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों के आधार पर ही सरकार निर्णय लागू करती है, इसलिए आगामी बैठक में कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय होने की उम्मीद है।
परिषद ने सरकारी कर्मचारियों के लिए जीएसटी मुक्त कैंटीन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की खरीद में कर राहत मिलने से उन्हें आर्थिक लाभ होगा।
बैठक में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले महंगाई भत्ते (डीए) के विलय की मांग भी उठाई गई। पदाधिकारियों ने कर्मचारी एवं शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन को और मजबूत करने तथा जरूरत पड़ने पर आंदोलन को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एसपी तिवारी और महामंत्री संजय कुमार शुक्ला की ओर से सभी जिलों के पदाधिकारियों को संगठन को मजबूत करने और कर्मचारी हितों को लेकर आंदोलनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी प्रदेश संगठन मंत्री राजा भरत अवस्थी को सौंपी गई है।
बैठक का संचालन जिला मंत्री इंजीनियर कोमल सिंह ने किया। मंडलीय मंत्री अजय द्विवेदी ने बताया कि कानपुर मंडल के औरैया, इटावा और फर्रुखाबाद जिलों में संगठन को जल्द और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणधीर सिंह यादव, संघर्ष समिति चेयरमैन सहाब सरताज, संप्रेक्षक मंजू रानी कुशवाहा, संगठन मंत्री हरीश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष योगेंद्र कुमार सिंह और कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र अवस्थी समेत परिषद के अन्य पदाधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


