अंजलि हॉस्पिटल और हैलेट अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, ओआरएस के सही उपयोग और डायरिया से बचाव की दी जानकारी
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। विश्व ओआरएस जागरूकता अभियान के अंतर्गत भारतीय बालरोग अकादमी कानपुर द्वारा श्याम नगर स्थित अंजलि हॉस्पिटल में ओआरएस जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 25 नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया। इसका संचालन डॉ. आशीष श्रीवास्तव एवं डॉ. रितु श्रीवास्तव ने किया।
डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि भारत में डायरिया से होने वाली बाल मृत्यु के मामलों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि डायरिया से मृत्यु का प्रमुख कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) है, जिसे समय पर ओआरएस देने से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि बच्चों में 70 से 80 प्रतिशत डायरिया वायरल संक्रमण के कारण होता है, इसलिए ऐसे मामलों में एंटीबायोटिक का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
डॉ. रितु श्रीवास्तव ने बताया कि यदि बच्चे को बार-बार दस्त हो रहे हों, लगातार उल्टी हो रही हो या पेशाब कम आ रहा हो, तो ये गंभीर खतरे के संकेत हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराकर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।
इसी क्रम में हैलेट अस्पताल की ओपीडी में डॉ. शैलेन्द्र गौतम ने ओआरएस के सही उपयोग, डायरिया से बचाव और स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान आमजन को ओआरएस के पैकेट एवं साबुन वितरित कर स्वच्छता अपनाने और डायरिया से बचाव का संदेश दिया गया।


