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डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने देखा खेत में मोती उत्पादन का अनोखा मॉडल, बोले- किसानों की आय बढ़ाने का बनेगा नया माध्यम

बिधनू के सम्भुआ गांव में मत्स्य पालन के साथ 30 हजार सीपियों से तैयार हो रहे डिजाइनर मोती, खेत तालाबों के बहुउद्देशीय उपयोग पर दिया जोर

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। कानपुर नगर के बिधनू विकासखंड स्थित ग्राम सम्भुआ में खेत के तालाब में मोती उत्पादन और मत्स्य पालन का अभिनव प्रयोग किसानों के लिए आय का नया मॉडल बनकर उभर रहा है। इस परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इसे कृषि क्षेत्र में नवाचार की उत्कृष्ट पहल बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयोग किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मॉडल को जनपद के अन्य खेत तालाब लाभार्थियों तक भी पहुंचाया जाए।

परियोजना के तहत लगभग 30 हजार सीपियों में मोती उत्पादन किया जा रहा है। प्रत्येक सीपी से दो मोती तैयार किए जा रहे हैं। इनमें चयनित सीपियों में विशेष मोल्ड तकनीक के माध्यम से स्वस्तिक, भगवान गणेश, पुष्प, पत्तियों तथा अन्य कलात्मक आकृतियों वाले डिजाइनर पर्ल विकसित किए जा रहे हैं। यह तकनीक पारंपरिक मोती उत्पादन के साथ अतिरिक्त मूल्य संवर्धन का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

परियोजना संचालक को खेत तालाब निर्माण के लिए शासन की योजना के तहत 50 प्रतिशत (अधिकतम 52,500 रुपये) का अनुदान डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराया गया। कृषि विभाग एवं मणि एग्रो हब के सहयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने तालाब में मोती की खेती शुरू की। वर्तमान में परियोजना को लगभग नौ माह पूरे हो चुके हैं तथा करीब 18 माह में मोती पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि खेत तालाब केवल वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और सिंचाई का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मत्स्य पालन, मोती उत्पादन तथा अन्य बहुउद्देशीय गतिविधियों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी साधन भी बन सकते हैं। उन्होंने भूमि संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया कि खेत तालाब योजना से जुड़े किसानों को इस प्रकार के नवाचारों से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि अधिकाधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

भूजल सप्ताह के अंतर्गत जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक फलदार पौधा रोपकर जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने जनपद के सभी खेत तालाबों की साफ-सफाई कराने तथा उनके आसपास व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, उप कृषि निदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. आर.एस. वर्मा तथा जिला कृषि अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह ने किसानों को उन्नतशील ज्वार एवं साँवा की मिनीकिट भी वितरित की। इस अवसर पर भूमि संरक्षण विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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