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दीक्षारंभ ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संसाधन प्रबंधन एवं कंज्यूमर साइंस से कराया परिचित

सीएसए विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को एर्गोनॉमिक्स, इंटीरियर डिजाइन, कंज्यूमर अवेयरनेस और सतत संसाधन प्रबंधन की दी गई जानकारी

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के स्वागत एवं उन्हें शैक्षणिक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से संसाधन प्रबंधन एवं कंज्यूमर साइंस विभाग द्वारा दीक्षारंभ ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रश्मि सिंह ने विद्यार्थियों को विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों एवं विषय क्षेत्र से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि संसाधन प्रबंधन केवल उपलब्ध संसाधनों के प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि समय, ऊर्जा, मानव संसाधन, धन, स्थान एवं तकनीक के प्रभावी और सतत उपयोग से जुड़ा व्यापक क्षेत्र है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में असिस्टेंट प्रोफेसर (टेम्परेरी) डॉ. निशा आर्या ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। विद्यार्थियों को बताया गया कि संसाधन प्रबंधन का संबंध एर्गोनॉमिक्स, इंटीरियर डिजाइन, इवेंट मैनेजमेंट, इंस्टीट्यूशनल मैनेजमेंट एवं कंज्यूमर साइंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों से है।

कार्यक्रम में एर्गोनॉमिक्स के महत्व को भी समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि इसके माध्यम से कार्यस्थल, फर्नीचर एवं उपकरणों को मानव की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाता है, जिससे सुरक्षा, सुविधा, कार्यक्षमता और उत्पादकता में सुधार किया जा सके।

इसी तरह इंटीरियर डिजाइन के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसमें स्थान, रंग, प्रकाश, फर्नीचर और मानव आवश्यकताओं का वैज्ञानिक एवं सौंदर्यपूर्ण समन्वय किया जाता है।

कार्यक्रम में कंज्यूमर साइंस एवं कंज्यूमर अवेयरनेस के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को उपभोक्ता अधिकार एवं जिम्मेदारियां, उत्पाद लेबल, गुणवत्ता एवं मूल्य की तुलना, भ्रामक विज्ञापन, डिजिटल लेनदेन तथा शिकायत निवारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

विभाग की अवधारणा “रिसोर्सेज से रिस्पॉन्सिबल मैनेजमेंट तक” के माध्यम से विद्यार्थियों को संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान रिड्यूस, रीयूज एवं रिसाइकिल की महत्ता समझाते हुए सतत जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि बदलती जीवनशैली, तकनीकी विकास और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच इस क्षेत्र में रोजगार एवं करियर की अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। इनमें इंटीरियर डिजाइन, एर्गोनॉमिक्स एंड ह्यूमन फैक्टर्स, इवेंट मैनेजमेंट, फैसिलिटी एंड इंस्टीट्यूशनल मैनेजमेंट, कंज्यूमर अवेयरनेस, सस्टेनेबल रिसोर्स मैनेजमेंट, स्पेस प्लानिंग, कंसल्टेंसी, एंटरप्रेन्योरशिप, रिसर्च एवं टीचिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को विभाग की विभिन्न गतिविधियों, प्रायोगिक शिक्षण और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया गया। साथ ही उन्हें संसाधनों के स्मार्ट, वैज्ञानिक, आर्थिक एवं टिकाऊ प्रबंधन की दिशा में सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

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