कृषि विज्ञान केंद्र दिलीपनगर ने किसानों को जलवायु अनुकूल खेती, कीट प्रबंधन और अधिक पैदावार के गुर सिखाए
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, दिलीपनगर द्वारा विकासखंड मैथा के ग्राम सहतवानपूर्वा में निकरा योजना की एससी-एसपी उपयोजना के अंतर्गत “ऊसर भूमियों में धान फसल का प्रबंधन” विषय पर दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप आधुनिक कृषि तकनीकों, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा धान की अधिक उत्पादन देने वाली वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराना था।
इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान किसानों को उन्नत एवं जलवायु-सहिष्णु धान की किस्मों, उन्नत बीजों के चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, सीधी बुवाई, जल संरक्षण आधारित खेती और लागत कम करते हुए उत्पादन बढ़ाने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्होंने किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कीट एवं रोगों की शुरुआती पहचान और उनके वैज्ञानिक नियंत्रण के उपाय भी बताए, जिससे फसल को नुकसान से बचाया जा सके और बेहतर उत्पादन प्राप्त हो।
कार्यक्रम में पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत, गृह वैज्ञानिक डॉ. निमिषा अवस्थी सहित कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने भी किसानों को विभिन्न कृषि एवं पशुपालन संबंधी विषयों पर उपयोगी जानकारी दी।
प्रशिक्षण में ग्राम सहतवानपूर्वा के बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसानों ने सहभागिता की और वैज्ञानिकों से खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।


