235 करोड़ रुपये की परियोजना का डीएम ने किया निरीक्षण, 1,196 मीटर लंबे सेतु का निर्माण फरवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। कानपुर नगर से शुक्लागंज और उन्नाव को जोड़ने वाले पुराने गंगा पुल के निकट निर्माणाधीन चार लेन गंगा सेतु परियोजना का जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को निरीक्षण किया। करीब 235 करोड़ रुपये की लागत से राज्य सेतु निगम द्वारा तैयार किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी सेतु का लगभग 15 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना का निर्माण फरवरी 2026 में शुरू हुआ था और इसे फरवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना की भौतिक प्रगति, पिलर निर्माण और आगामी कार्ययोजना की जानकारी अधिकारियों से ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित चार लेन सेतु की कुल लंबाई 1,196 मीटर और चौड़ाई 20 मीटर होगी। सेतु के निर्माण में कुल 24 पिलर बनाए जाने हैं, जिनमें से 14 पिलर पर प्रारंभिक संरचनात्मक कार्य किया जा चुका है।

जलस्तर बढ़ने से नदी क्षेत्र में निर्माण प्रभावित
वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण नदी क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर सामान्य होने के बाद निर्माण कार्य को फिर से गति दी जाएगी।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने राज्य सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलस्तर कम होते ही पर्याप्त संसाधन और मैनपावर लगाकर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्माण में गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन करने के साथ परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
कानपुर से लखनऊ तक कनेक्टिविटी होगी बेहतर
जिलाधिकारी ने कहा कि यह सेतु कानपुर और उन्नाव के बीच आवागमन को सुगम बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके निर्माण से मध्य कानपुर के लोगों को शुक्लागंज और उन्नाव होते हुए लखनऊ की ओर बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और जलस्तर सामान्य होते ही कार्य की गति बढ़ाकर परियोजना को तय समय में पूरा कराया जाए। नए फोर लेन सेतु के तैयार होने के बाद कानपुर, शुक्लागंज और उन्नाव के बीच यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


