फीटा और मेदांता अस्पताल के संयुक्त प्रयास से आयोजित शिविर में 150 से अधिक लोगों ने लिया चिकित्सकीय परामर्श, ब्लड प्रेशर, शुगर, ईसीजी समेत कई महत्वपूर्ण जांचें की गईं
- अंकित बाजपेई
कानपुर। उद्योग एवं व्यापार की प्रमुख संस्था फैसिलिटेशन फॉर इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (फीटा) की ओर से मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइंस स्थित अस्पताल के मीटिंग हॉल में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सीय परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया।
शिविर का शुभारंभ फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल एवं रिजर्व इंस्पेक्टर राजेश वर्मा ने किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वस्थ रहने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और विभिन्न बीमारियों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
शिविर के आयोजन एवं संचालन में फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल के साथ शिव कुमार गुप्ता, मनीष मतानी, अरुण ओमर और अभिषेक अग्रवाल सहित अन्य उद्यमियों ने सहयोग किया।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, बोन डेंसिटी, ईसीजी और लंग्स कैपेसिटी समेत कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच की गईं। जांच के बाद मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने रिपोर्ट का परीक्षण कर लोगों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उचित चिकित्सीय परामर्श दिया। जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सकों की सलाह के अनुसार दवाइयां भी वितरित की गईं।
आयोजकों के अनुसार, शिविर में 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य जांच की गई, जबकि करीब 150 से अधिक लोगों ने चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया। शिविर में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम के कोऑर्डिनेटर अनुराग द्विवेदी ने कहा कि अस्पताल की ओर से कानपुर में विभिन्न स्थानों पर इसी तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास लगातार जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि फीटा के सहयोग से प्रमुख औद्योगिक एवं व्यापारिक क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य लोगों को समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी उपलब्ध कराना और आवश्यक चिकित्सीय सलाह देना है, ताकि गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सके और उनका समय रहते उपचार संभव हो।
शिविर में शामिल पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने के साथ भविष्य में होने वाली संभावित चिकित्सीय समस्याओं की समय रहते पहचान और उनसे बचाव के उपायों के बारे में भी जानकारी मिली। आयोजकों ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।


