जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, महंगाई पर अंकुश और बढ़ी बिजली दरें वापस लेने की मांग
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) कानपुर जिला कमेटी के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई और बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में कानपुर नगर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार से आम जनता को महंगाई से राहत देने की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला सचिव उमाकांत विश्वकर्मा ने कहा कि पूंजीवादी नीतियों और बाजार पर ढीले नियंत्रण के कारण कमरतोड़ महंगाई से आम नागरिकों का जीवन मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग, गरीब और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि दाल, सब्जियां, आटा, मसाले, चीनी और खाद्य तेल सहित रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दामों में लगातार हो रही वृद्धि से आम जनता के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने परिवारों के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है।
जिला मंत्री कामरेड उमाकांत ने कहा कि चुनाव के दौरान “बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार” का नारा दिया गया था, लेकिन आज महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और उसके पैरोकार अब अपने पुराने वादों को ‘जुमला’ बताने से भी नहीं हिचकते। उन्होंने सरकार से महंगाई पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण लगाने की मांग की।
माकपा कार्यकर्ताओं ने बिजली की बढ़ी दरों को लेकर भी विरोध जताया। उनका कहना था कि बिजली की कीमतों में वृद्धि से पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहे आम उपभोक्ताओं की परेशानियां और बढ़ गई हैं। उन्होंने बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बढ़ती महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण लगाने, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को कम करने तथा बिजली की बढ़ी दरों को वापस लेने सहित आम जनता को राहत देने की मांग की गई।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कामरेड सईद नकवी, उमाकांत, मो. वशी, गोविंद नारायण, टेक चंद, जफर आबिद (अधिवक्ता), सुरेंद्र शर्मा, रजिवा नकवी, जुनेद मंसूरी (अधिवक्ता), अमित केसरवानी और अनिल सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


