लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों को तकनीकी दक्षता, आपातकालीन प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
- नौशाद अली
झांसी। रेलवे संचालन में संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बीटीसी (लोको), झांसी में मंगलवार को संरक्षा संवाद (सेफ्टी सेमिनार) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों को सुरक्षित रेल संचालन, तकनीकी जागरूकता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित एवं जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनिरुद्ध शुक्ला उपस्थित रहे, जबकि संरक्षा सलाहकार एम.के.एस. कुशवाह ने कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन किया। सेमिनार में दो मुख्य लोको निरीक्षक, 17 लोको पायलट और 21 सहायक लोको पायलट सहित कुल 40 कर्मचारियों ने भाग लिया।
संरक्षा संवाद के दौरान रेल संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को सिग्नल पास्ड एट डेंजर (SPAD) तथा स्पीड रेस्ट्रिक्शन (SR) के उल्लंघन से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों, कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई। साथ ही रेड नोटिस संख्या-01 एवं 02 से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देशों को भी साझा किया गया।
सेमिनार में दुर्घटना की स्थिति में अपनाए जाने वाले आवश्यक उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कर्मचारियों को BPEMS, आपातकालीन ब्रेक एवं सीटी के सही उपयोग, दुर्घटना के बाद आवश्यक प्रोटेक्शन व्यवस्था, फ्लैशर लाइट के प्रयोग तथा राहत एवं सुरक्षा उपायों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई।
सुरक्षित और दक्ष रेल संचालन के लिए रनिंग स्टाफ को गुणवत्तापूर्ण विश्राम के महत्व से अवगत कराया गया। वर्तमान ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए लोकोमोटिव के हाई टेंशन उपकरणों, मशीन रूम और अंडर फ्रेम की नियमित जांच तथा अग्नि सुरक्षा उपायों पर विशेष बल दिया गया।
तकनीकी सत्र के दौरान 3-फेज लोकोमोटिव में एक्सल लॉक होने से पहले मिलने वाले संकेतों और चेतावनी संदेशों की पहचान के बारे में जानकारी साझा की गई। इसके अतिरिक्त स्टैटिक कनवर्टर युक्त लोकोमोटिवों में आने वाली तकनीकी समस्याओं, एमसीबी, एलईडी और संकेतक लैंपों की कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कर्मचारियों को व्यावहारिक जानकारी देने के लिए केस स्टडी संख्या-03 का विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में आंधी, तूफान और अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के दौरान रनिंग स्टाफ द्वारा अपनाई जाने वाली सुरक्षा कार्यवाहियों पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने कर्मचारियों को सतर्कता बनाए रखने तथा निर्धारित संरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों से संरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए सुरक्षित, जिम्मेदार और सतर्क रेल संचालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित रेल संचालन केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि अनुशासन, जागरूकता और सतत प्रशिक्षण पर भी निर्भर करता है।


