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भाजपा सरकार में हाइवे जेब भरने के लिए बनाए जा रहे हैं: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख का आरोप—एक्सप्रेस-वे निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, एआई के दुरुपयोग और प्रदेश के हालात पर भी साधा निशाना

  • अखिलेश कुमार अग्रहरि

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और साम्प्रदायिक राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला। सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में हाइवे और एक्सप्रेस-वे का निर्माण जनता की सुविधा से अधिक पार्टी से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बनाए गए एक्सप्रेस-वे में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और बजट की लूट हुई है। उन्होंने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां 118 स्थानों पर सड़क टूटने और गड्ढे होने की स्थिति सामने आई है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण करने वाले को बोनस देने के साथ दूसरी जगह काम भी दिया गया है।

सपा प्रमुख ने सरकार पर बजट में कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के नाम पर धन की लूट चल रही है। हालांकि, ये आरोप उन्होंने राजनीतिक बयान के तौर पर लगाए और इनके समर्थन में इस प्रेस कांफ्रेंस में कोई स्वतंत्र जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की।

एआई के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर निशाना

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी पैसा और संसाधनों का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ एआई से वीडियो तैयार कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए होना चाहिए, न कि नकारात्मक राजनीति के लिए।

उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग चिकित्सा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में किया जाना चाहिए, ताकि गरीबों को समय पर इलाज मिल सके और किसानों को मौसम तथा फसलों में होने वाली बीमारियों की पहले से जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों को समय रहते आपदा और बीमारी की जानकारी मिल जाए तो वे अपनी फसल को बचा सकते हैं। “खेत मुस्कुराएगा, तब देश मुस्कुराएगा”, उन्होंने कहा।

साम्प्रदायिक राजनीति का लगाया आरोप

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर प्रदेश को साम्प्रदायिक रास्ते पर ले जाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कानून और संविधान के पालन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं तथा सरकारी इमारतों और संसाधनों को बेचा जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि जनता इस तरह की राजनीति और नीतियों का जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भाईचारा बढ़ाने और सभी धर्मों का सम्मान करने के लिए काम करेगी। उनके मुताबिक, प्रदेश में साम्प्रदायिक माहौल बनाने की कोशिशों को खत्म कर सामाजिक सौहार्द को मजबूत किया जाएगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

सपा अध्यक्ष ने पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट, महंगाई और दवाइयों से जुड़े कथित घोटालों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा और कई जगह एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए स्कूल बंद किए जाने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बंद स्कूलों का मुद्दा उठाने पहुंचे तो सरकार ने पुलिस को आगे कर दिया।

सपा नेताओं को रोके जाने पर पुलिस पर निशाना

सहारनपुर जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल, सांसदों और विधायकों को उनके घरों पर रोके जाने के मामले पर अखिलेश यादव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों के बजाय राजनीतिक लोगों की घेराबंदी कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि सहारनपुर जाने वाले सपा के सांसदों और विधायकों के घरों को पुलिस ने घेर रखा है।

पीडीए को लेकर भाजपा पर पलटवार

पीडीए के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए प्रोग्रेसिव लोगों का एलायंस है और इसमें पीड़ित, दुखी तथा अपमानित लोगों की भागीदारी है। उन्होंने दावा किया कि पीडीए एकजुट है और प्रदेश में पीडीए की सरकार बनने जा रही है, जिससे भाजपा में घबराहट है।

उन्होंने पीडीए को लेकर भाजपा की ओर से की जा रही टिप्पणियों पर भी पलटवार किया और कहा कि इस गठबंधन को जनता का समर्थन मिल रहा है।

बाढ़ और विकास कार्यों पर सरकार को घेरा

प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर अखिलेश यादव ने वाराणसी और गोरखपुर का उल्लेख करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में बाढ़ के कारण नाव चल रही है।

उन्होंने वाराणसी में विकास कार्यों के नाम पर भारी बजट खर्च होने का दावा करते हुए कहा कि शहर की पुरानी संस्कृति और विरासत प्रभावित हुई है। गोरखपुर और प्रयागराज में भी निर्माण कार्यों तथा जलभराव को लेकर उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

कानपुर में भी भारी बजट खर्च किए जाने के बावजूद शहर में जलभराव की समस्या होने का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इंजीनियर की भूमिका में योजनाओं का डिजाइन तैयार कर रहे हैं।

अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी साधु-संतों का सम्मान करती है, लेकिन संकीर्ण और विभाजनकारी विचारधारा के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के खिलाफ नकारात्मक प्रचार के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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