
‘पीडीए योद्धा’ बनकर राहत कार्य में जुटे सपा कार्यकर्ता, बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता और मुआवजा देने की उठाई मांग
- शालिनी शर्मा
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के फैजुल्लाहगंज क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रभारी उत्तर विधानसभा पूजा शुक्ला ने लगातार 14वें दिन भी राहत अभियान जारी रखा। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बाढ़ के कारण लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी लेते हुए जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया।
राहत अभियान के दौरान पूजा शुक्ला ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को ‘पीडीए योद्धा’ लिखी टी-शर्ट प्रदान की और उन्हें बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री वितरित की।

इस अवसर पर पूजा शुक्ला ने प्रदेश सरकार और क्षेत्रीय विधायक पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान पीड़ितों की मदद करना सरकार, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, फैजुल्लाहगंज के अधिकांश प्रभावित परिवारों तक अब तक पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं पहुंची है, जिसके चलते लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूजा शुक्ला ने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को केवल आश्वासन देने के बजाय वास्तविक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सरकार और जनप्रतिनिधियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को राशन, पीने का स्वच्छ पानी और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराने और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के साथ नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी जरूरतमंद परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
पूजा शुक्ला ने कहा कि संकट की इस घड़ी में समाजवादी पार्टी बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होता और उन्हें आवश्यक सहायता नहीं मिलती, तब तक उनकी आवाज उठाने तथा हरसंभव मदद पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।


