लोकतांत्रिक अधिकार से ही भाजपा को सत्ता से हटाया जा सकता है: अखिलेश यादव

- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता परिवर्तन केवल वोट के जरिए ही संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश महंगाई, भ्रष्टाचार और गैरबराबरी से त्रस्त है, वहीं आरक्षण को समाप्त करने की साजिशें की जा रही हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राममनोहर लोहिया और मुलायम सिंह यादव के संघर्ष के रास्ते पर चल रही है तथा धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और संविधान की मूल भावना के प्रति प्रतिबद्ध है।
उन्होंने दावा किया कि जनता अब बदलाव को लेकर व्याकुल है और 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना तय है। अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा को वोट के लोकतांत्रिक अधिकार के जरिए ही शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से सत्ता से हटाने का समय आ गया है। भाजपा हटेगी तभी संविधान और आरक्षण सुरक्षित रहेगा, सामाजिक-आर्थिक गैरबराबरी खत्म होगी और खुशहाली आएगी।”
प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में विभिन्न जिलों से आए नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। यादव ने कहा कि अन्याय और अत्याचार की पराकाष्ठा हो गई है तथा हर वर्ग भाजपा सरकार से त्रस्त है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) वर्ग लगातार अपमान और उपेक्षा का शिकार हो रहा है, लेकिन अब यह वर्ग एकजुट होकर सामाजिक-राजनीतिक विकल्प तैयार कर रहा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और धर्मनिरपेक्षता व समाजवाद पर लगातार हमले कर रही है। उन्होंने कहा कि अमीरी-गरीबी की खाई और गहरी हो गई है, विकास कार्य ठप हैं और डबल इंजन सरकार का कोई स्पष्ट विजन या कार्यदिशा नहीं है।
उन्होंने जनता से आह्वान किया कि भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों वाली भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए एकजुट होकर आगे आएं।



