HomeNEWSविकसित भारत संकल्प सम्मेलन में गूंजा प्राकृतिक खेती का संदेश

विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में गूंजा प्राकृतिक खेती का संदेश

ईको पार्क में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों ने की सहभागिता

  • राहुल दीक्षित

कानपुर देहात। जनपद के ईको पार्क में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय में वृद्धि तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लेकर कृषि क्षेत्र के विकास पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम में नीरज रानी, कपिल सिंह तथा श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रगतिशील किसान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने विकसित भारत के निर्माण में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती के लाभों, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों, जैविक संसाधनों के उपयोग तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करने में सहायक है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरता और उत्पादों की गुणवत्ता में भी सुधार होता है। उन्होंने किसानों से खेती में नवाचार अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से संवाद किया। किसानों ने खेती की नई तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखाई और प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताया।

सम्मेलन में कृषि विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम का समापन प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे जन-जन तक पहुंचाने के आह्वान के साथ हुआ।

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