
विद्यार्थियों को शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और पाठ्यक्रम की दी गई जानकारी, स्वस्थ जीवनशैली एवं सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के कृषि महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी में बीएससी (ऑनर्स) कृषि प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी अधिष्ठाता ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय के नियमों, अनुशासन और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया गया।
दीक्षारंभ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से जोड़ना और उन्हें उच्च शिक्षा की नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, नैतिक मूल्यों, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, शिक्षकों एवं सहपाठियों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करने और शैक्षणिक, शारीरिक व सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का परिचय कराया गया। मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र नाथ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन और व्यक्तिगत विकास के लिए नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
प्रभारी अधिष्ठाता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने स्नातक पाठ्यक्रम की संरचना, सेमेस्टर प्रणाली, क्रेडिट व्यवस्था और आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, विश्वविद्यालय के नियमों और अनुशासन संबंधी प्रावधानों से अवगत कराया।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, शिक्षकों से निरंतर संवाद बनाए रखने और अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन जीवन विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यक्तित्व और भविष्य की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर सह-प्राध्यापक डॉ. आनंद कुमार पांडेय ने नियमित अध्ययन के साथ खेलकूद और कृषि फार्म की गतिविधियों में सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ शारीरिक विकास पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
सह-प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार ने दीक्षारंभ कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों में जिज्ञासा, सीखने की ललक और निरंतर ज्ञान अर्जित करने की प्रवृत्ति विकसित करने पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राज कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. रणधीर यादव, डॉ. प्रसुन सचान, डॉ. शिवम सिंह, डॉ. कविता साहू एवं सुश्री शिखा शुक्ला सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
दीक्षारंभ कार्यक्रम विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक परिवेश से परिचित कराने के साथ उन्हें जिम्मेदार, अनुशासित, कुशल एवं संवेदनशील कृषि स्नातक के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।


