
स्वास्थ्यकर्मियों ने दीप प्रज्वलित कर जनसेवा के प्रति जताई प्रतिबद्धता, भर्ती मरीजों को फल वितरित कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना
- नरेश राठौर
झांसी। सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से सेवा संकल्प सप्ताह के अंतर्गत जनपद झांसी की विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों पर दीपदान एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दीप प्रज्वलित कर जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोठ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अनुपमा लोधी एवं अधीक्षक डॉ. एम.पी. सिंह ने दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर सेवा भावना के साथ संवेदनशील एवं जनोन्मुखी स्वास्थ्य व्यवस्था का संदेश दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, झांसी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नितिन कंसोरिया, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत स्वर्णकार एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.एन. त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम में सहभागिता की। अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जनहित में कार्य करने के संकल्प को दोहराया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर में अधीक्षक डॉ. आर.जे. सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और जरूरतमंदों तक संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की भावना व्यक्त की गई।
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसराय में सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख श्री टीकाराम पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री राजाजी चौहान एवं अधीक्षक डॉ. ओ.पी. राठौर उपस्थित रहे। इस दौरान मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
जनपद की विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं अन्य लोगों की सहभागिता रही। दीपदान और सेवा गतिविधियों के माध्यम से सेवा, संवेदना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल उपचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदना, समर्पण और सेवा भावना भी स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


