HomeNEWS16 से 30 नवंबर तक घर बैठे स्वयं कर सकेंगे जनगणना, 1...

16 से 30 नवंबर तक घर बैठे स्वयं कर सकेंगे जनगणना, 1 दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक

कानपुर में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां पूरी करने में जुटा प्रशासन, 10,467 प्रगणक और सुपरवाइजर संभालेंगे जिम्मेदारी; जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को लेकर कानपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार आमजन को पहली बार स्वगणना यानी स्वयं अपनी और परिवार के सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। इसके तहत 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक लोग घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। वहीं, 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर जनसंख्या गणना का कार्य करेंगे।

इस संबंध में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने 29 अक्टूबर को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेसवार्ता कर जनगणना के कार्यक्रम, प्रक्रिया और तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद में जनसंख्या गणना का कार्य संपन्न कराने के लिए कुल 10,467 प्रगणक एवं सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 देश की 16वीं तथा आजादी के बाद आठवीं जनगणना होगी। इस बार पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य देश की सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति से जुड़े प्रमाणिक आंकड़े एकत्र करना है। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य में विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और जनकल्याणकारी नीतियों का निर्धारण किया जाएगा।

16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना की सुविधा

जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में कानपुर नगर में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना, 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना और 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि स्वगणना के लिए आमजन को https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने परिवार के सदस्यों का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा। जानकारी जमा करने के बाद एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। इस संख्या को घर आने वाले प्रगणक को उपलब्ध कराना होगा, जिसके आधार पर वह दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन करेगा।

स्वगणना पूरी तरह वैकल्पिक होगी। जो परिवार ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज नहीं कर पाएंगे, उनके घर पहुंचकर प्रगणक जनसंख्या गणना का कार्य पूरा करेंगे। इसके लिए प्रगणकों को डिजिटल माध्यम से आंकड़े एकत्र करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

40 सवालों के जरिए जुटाई जाएगी परिवार की जानकारी

जिलाधिकारी के अनुसार जनसंख्या गणना के लिए निर्धारित प्रश्नावली में कुल 40 प्रश्न शामिल किए गए हैं। इनके माध्यम से परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम, आयु, लिंग, जन्मतिथि, जन्मस्थान, वैवाहिक स्थिति, परिवार के मुखिया से संबंध, धर्म और मातृभाषा सहित अन्य भाषाओं की जानकारी जुटाई जाएगी।

इसके अलावा शैक्षिक योग्यता, साक्षरता, स्कूल अथवा शिक्षण संस्थान में उपस्थिति, रोजगार, आजीविका और कार्य की प्रकृति से संबंधित विवरण भी दर्ज किया जाएगा।

प्रश्नावली में वर्तमान एवं पूर्व निवास स्थान, प्रवासन के कारण, दिव्यांगता संबंधी जानकारी, महिलाओं से जुड़े निर्धारित जनसांख्यिकीय विवरण और बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच जैसे विषय भी शामिल हैं। इन आंकड़ों से देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का विस्तृत आकलन करने में मदद मिलेगी।

व्यक्तिगत जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जनगणना के दौरान नागरिकों से प्राप्त व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत व्यक्तिगत जनगणना अभिलेखों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही सावधान करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से भी जनगणना के निर्धारित कार्यक्रम और स्वगणना की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य की विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार है। इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

प्रेसवार्ता में अधिकारियों ने भी साझा की जानकारी

प्रेसवार्ता के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने भी जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों एवं विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी।

वहीं, सहायक निदेशक, जनगणना दिनेश कुमार यादव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनसंख्या गणना की समय-सारिणी, स्वगणना की प्रक्रिया और घर-घर गणना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस अवसर पर सहायक जिला प्रभारी हिमांशु शुक्ला भी मौजूद रहे।

जनगणना से संबंधित सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी

जनगणना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, किसी समस्या के समाधान और गणना से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन की जानकारी दी गई है।

  • राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: 1855
  • व्हाट्सएप चैटबॉट: 18001801855
  • स्वगणना पोर्टल: https://se.census.gov.in

यदि किसी व्यक्ति या परिवार की किसी कारणवश गणना नहीं हो पाती है, तो वह हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दे सकता है। संबंधित अधिकारियों के माध्यम से गणना सुनिश्चित कराने की व्यवस्था की जाएगी।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments