पीएचसी पर अफसरों का औचक निरीक्षण: डॉक्टर नदारद, चार एएनएम मोबाइल में व्यस्त

कानपुर में जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पताल और कार्यालयों में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी और डॉक्टर गायब पाए गए, जिसके बाद डीएम ने उन पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाओं में कमियाँ मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सरकारी कामकाज में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी है।
- मनीष कुमार
कानपुर नगर। शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार सुबह सर्वोदयनगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हालात बेहद लापरवाह मिले।
सुबह करीब 11 बजे पीएचसी पहुंचने पर डीएम को पूरे परिसर में सन्नाटा नजर आया। ओपीडी कक्ष में तैनात डॉक्टर अनुपस्थित थीं। उपस्थिति पंजिका की जांच करने पर पता चला कि डॉ. मधु अवकाश पर थीं, जबकि उनकी जगह ड्यूटी पर आने वाली डॉ. निधि निगम भी मौजूद नहीं थीं। वहीं रजिस्टर में एक भी ओपीडी दर्ज नहीं थी, जिससे डीएम ने चिकित्सकों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएमओ कार्यालय से समायोजित अवकाश का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान एक कमरे में चार एएनएम—संजू, बीना, हेमलता और मेमसा—अपनी कुर्सियों पर बैठकर मोबाइल चलाती मिलीं, जबकि उन्हें उस समय फील्ड में होना चाहिए था। जब डीएम ने उनसे सवाल पूछे तो कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
इसके अलावा लैब में सैंपल एंट्री शून्य पाई गई, जो कार्यों की लापरवाही को दर्शाती है। एआरओ नीरज कुमार के अनुपस्थित मिलने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए।
औचक निरीक्षण में मिली अनियमितताओं पर डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



