HomeNEWS“चुनौतियां मुझे पसंद है” के गुजराती संस्करण का अहमदाबाद में भव्य विमोचन

“चुनौतियां मुझे पसंद है” के गुजराती संस्करण का अहमदाबाद में भव्य विमोचन

  • शालिनी शर्मा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित पुस्तक “चुनौतियां मुझे पसंद है” के गुजराती संस्करण का विमोचन अहमदाबाद में आयोजित समारोह में किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, सर्व विद्यालय केलवानी मंडल के अध्यक्ष वल्लभभाई एम. पटेल और पूज्य संत रमेश भाई ओझा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आनंदीबेन पटेल उन नेताओं में से हैं जो “पोजीशन नहीं, परपज़ के लिए काम करती हैं।” उन्होंने 85 वर्ष की आयु में भी उनकी सक्रियता और ऊर्जा की प्रशंसा की और कहा कि उनका काम किसी भी युवा के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक जीवन में सुधार लाने में उनका योगदान उल्लेखनीय है।

अमित शाह ने यह भी कहा कि संगठन के क्षेत्र में आनंदीबेन पटेल ने लोगों में से ही कार्यकर्ता तैयार किए, जो उनकी पहचान रही है। एक शिक्षिका, समाजसेविका और राजनेता के रूप में उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने याद किया कि राजस्व मंत्री के रूप में नर्मदा परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण का कार्य उन्होंने रिकॉर्ड समय में पूरा कराया था।

इस अवसर पर आनंदीबेन पटेल ने अपने अनुभव और संघर्षों को साझा किया। उन्होंने कहा कि “जो कुछ भी मैं बनी हूं, वह पार्टी ने बनाया है।” उन्होंने घोषणा की कि पुस्तक की बिक्री से प्राप्त संपूर्ण धनराशि बेटियों की शिक्षा पर व्यय की जाएगी। उन्होंने गुजरात के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में जारी अपनी गतिविधियों का उल्लेख किया और बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझावों के अनुसार प्रदेश में आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा को मजबूत बनाने के प्रयास चल रहे हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आनंदीबेन पटेल के दृढ़ निश्चय, अडिग निर्णय क्षमता और जनहित में कार्य करने की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने उन्हें कुशल संगठनकर्ता और उत्कृष्ट प्रशासक बताया।

भागवत कथा वाचक पूज्य संत रमेश भाई ओझा ने कहा कि आनंदीबेन पटेल नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण हैं और 85 वर्ष की आयु में भी उत्तर प्रदेश की सक्रिय राज्यपाल के रूप में उनका उत्साह अनुकरणीय है।

समारोह में आनंदीबेन पटेल के पुत्र संजय पटेल और पुत्री अनारबेन पटेल ने भी भावपूर्ण संबोधन दिया और अपनी माता की निर्भयता तथा साहस को नमन किया।

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