‘500 करोड़’ वाले बयान के बाद कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू की पार्टी सदस्यता निलंबित की

- समय टुडे डेस्क।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू को मुख्यमंत्री पद से जुड़े उनके विवादित ‘500 करोड़ रुपये’ वाले बयान के बाद सोमवार को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया है। निलंबन का आदेश पीपीसीसी की ओर से जारी किया गया।
कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एएनआई से बातचीत में कहा कि इस तरह की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। रंधावा के अनुसार, नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी में बड़ा पद—पीसीसी अध्यक्ष—भी दिया गया था, जो मुख्यमंत्री से ऊपर माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जब प्रियंका गांधी मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान के क्षेत्र में गई थीं, तब नवजोत कौर सिद्धू प्रचार से दूर रहीं।
रंधावा ने कहा, “उन्होंने 3.5 साल तक कुछ नहीं कहा, और चुनाव नजदीक आते ही ऐसे बयान देने शुरू कर दिए। यह पार्टी अनुशासनहीनता है और ऐसे लोग संगठन के लिए खतरा बनते हैं।”
पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नवजोत कौर सिद्धू के बयान से कांग्रेस का “मॉडल” उजागर हो गया है और यदि कोई व्यक्ति 500 करोड़ रुपये देकर मुख्यमंत्री बनता है, तो भ्रष्टाचार होना तय है। चीमा ने पूर्व कांग्रेस नेता व मौजूदा भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर भी पुराने मामलों को लेकर सवाल उठाए।
रविवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था कि वे पंजाब को “स्वर्णिम राज्य” बना सकते हैं, लेकिन उनके पास किसी पार्टी को देने और मुख्यमंत्री बनने के लिए “500 करोड़ रुपये” नहीं हैं।
इस प्रकरण पर भाजपा ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पूरी तरह “भ्रष्टाचार में लिप्त” है।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व — राहुल गांधी और सोनिया गांधी — पर निशाना साधा। उनका कहना था कि यह “सीधा आरोप” है कि मुख्यमंत्री पद किसी विशेष परिवार को बड़ी रकम देकर खरीदा जा सकता है।
भंडारी ने आरोप लगाया, “कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश या किसी भी राज्य में कांग्रेस वही व्यक्ति चुनती है जो नेतृत्व को ‘500 करोड़ रुपये का ब्रीफ़केस’ दे सके। यही उनका मॉडल बन गया है, जिसके कारण पार्टी के शीर्ष नेताओं की जीवनशैली पर कोई असर नहीं पड़ता।”



