गठबंधन रहेगा, लेकिन सरकार में हिस्सेदारी नहीं: स्टालिन का कांग्रेस को स्पष्ट संदेश

- समय टुडे डेस्क।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के साथ गठबंधन जारी रहेगा, लेकिन सरकार में हिस्सेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्ता-साझाकरण की मांग तमिलनाडु की राजनीतिक परिस्थिति में लागू नहीं होती और इसे गठबंधन को कमजोर करने की कोशिश बताया।
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए स्टालिन ने कांग्रेस के साथ किसी भी साझा शासन मॉडल की संभावना को खारिज कर दिया। हाल ही में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने डीएमके सरकार में मंत्री पद की मांग उठाई थी, लेकिन स्टालिन ने स्पष्ट किया कि सरकार का संचालन डीएमके के नेतृत्व में ही होगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस निश्चित रूप से डीएमके गठबंधन का हिस्सा बनी रहेगी। उन्होंने गठबंधन को सौहार्दपूर्ण बताया और कहा कि मीडिया अनावश्यक अटकलें फैला रहा है। स्टालिन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों पर जोर देते हुए उन्हें भाई समान बताया और कहा कि उनका रिश्ता राजनीति से परे है।
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सेल्वा पेरुंथगई ने संकेत दिया कि डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन लगभग तय है। उन्होंने कहा कि औपचारिक सीट बंटवारे की बातचीत 22 फरवरी से शुरू होगी और यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की जाएगी। उनके अनुसार, डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत है और जनता का समर्थन उसे लगातार मिल रहा है।
सम्मेलन के दौरान स्टालिन ने राज्य की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने दोहरे अंकों की वृद्धि हासिल की है और प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अपने बजट में तमिलनाडु की ‘थोज़ी हॉस्टल योजना’ की घोषणा की है।
इसके साथ ही स्टालिन ने केंद्र सरकार पर राज्य की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वित्तीय विकेंद्रीकरण, विशेष योजनाओं और रेलवे परियोजनाओं में तमिलनाडु को पर्याप्त सहयोग नहीं मिला है। एनडीए सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने इसे “दोहरे इंजन” के बजाय “दोषपूर्ण इंजन” बताया और कहा कि भाजपा की राजनीति तमिलनाडु में सफल नहीं होगी।



