गड्ढा मुक्त अभियान पर अखिलेश यादव का हमला, भाजपा सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

- दीपक कुमार
लखनऊ/कानपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के “गड्ढा मुक्त अभियान” पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी वास्तविकता रोज सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा समेत प्रदेश के कई जिलों में सड़कों की खराब स्थिति के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, जबकि सरकार लंबे समय से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा करती रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि गड्ढा मुक्त अभियान के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन सड़कों की हालत में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने नोएडा में खुले नाले में कार गिरने और इससे पहले हुई एक इंजीनियर की मौत का हवाला देते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार बढ़ा है और विभिन्न विभागों में बजट का दुरुपयोग हो रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। कानून-व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश में विकास कार्य ठप हैं और सरकारी योजनाओं में भी भ्रष्टाचार हावी है। उन्होंने कहा कि निवेश के नाम पर सिर्फ प्रचार किया जा रहा है, जबकि जमीन पर नई फैक्ट्रियां या उद्योग स्थापित होते नहीं दिख रहे।
पुलिस व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पुलिस तंत्र को कमजोर कर दिया है और पूर्व की योजनाओं को निष्प्रभावी बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
किसानों और युवाओं के मुद्दे उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और बिचौलियों का दबदबा बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जबकि युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे।
उन्होंने शहरी व्यवस्थाओं, सफाई व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। साथ ही वाराणसी में तोड़फोड़ और व्यापारियों पर पड़े असर का जिक्र करते हुए भाजपा पर व्यापारी विरोधी होने का आरोप लगाया।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से प्रदेश के किसान, नौजवान और व्यापारी सभी परेशान हैं और सरकार सिर्फ प्रचार तक सीमित रह गई है।



