अखिलेश यादव से पर्यावरणविद मेवा लाल वर्मा की मुलाकात, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर हुई चर्चा


मेवा लाल वर्मा ने ऑर्गेनिक संसाधनों के अधिक उपयोग और फलदार पौधों व वृक्षों के रोपण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में फूड सिक्योरिटी के साथ-साथ स्वास्थ्यप्रद भोजन भी सुनिश्चित होना चाहिए।
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आज जानकीपुरम स्थित आवास पर शहर के प्रसिद्ध पर्यावरणविद मेवा लाल वर्मा ने मुलाकात की। इस दौरान शहरी स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, वायु और जल प्रदूषण, कूड़ा प्रबंधन तथा ऑर्गेनिक खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी मौजूद रहे।

पर्यावरणविद मेवा लाल वर्मा अपनी संस्था मुस्कान सेवा ज्योति समिति के संस्थापक सचिव हैं और लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने मेवा लाल वर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को प्रकृति के करीब लाने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यदि लोग प्रकृति के निकट रहेंगे तो उनका जीवन स्वस्थ और खुशहाल बनेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति प्रेम बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।
मेवा लाल वर्मा ने अपने फार्महाउस में केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट), गौरैया संरक्षण और जैविक खेती जैसे कई प्रयोग किए हैं। उन्होंने कूड़ा प्रबंधन के क्षेत्र में भी विशेष काम किया है और इस क्षेत्र में अपनी तकनीक विकसित की है।

वार्ता के दौरान वर्मा ने कहा कि कृषि को बेहतर बनाने के लिए उसे शिक्षा से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज शहरी बच्चों को प्रकृति और खेती से जुड़ी सामान्य जानकारियां भी नहीं हैं। उनका सुझाव था कि कक्षा 6 से ही पाठ्यक्रम में प्रकृति, खेती और पर्यावरण से संबंधित जानकारी शामिल की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल और वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है और हम आने वाली पीढ़ी को विषाक्त वातावरण सौंप रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने खाद्य पदार्थों और सब्जियों में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव की पर्यावरण संरक्षण में विशेष रुचि रही है और उनके मुख्यमंत्रित्वकाल में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए थे।
इस दौरान समाजवादी पार्टी की नेता पूजा शुक्ला सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।



