अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती से लिया आशीर्वाद, सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ में मुलाकात के बाद बोले—साधु-संतों का आशीर्वाद मिलने से सकारात्मक कार्यों को मिलती है दिशा
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने गुरुवार को लखनऊ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले साधु-संतों का आशीर्वाद मिल जाना बहुत बड़ी बात होती है। उन्होंने कहा कि पूज्य शंकराचार्य जी का आशीर्वाद मिलने से समाज में फैले भ्रम और नकली संतों का अंत होगा।

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर अच्छा करने की भावना होती है, लेकिन उसके भीतर पाप-पुण्य और अच्छे-बुरे के बीच संघर्ष चलता रहता है। ऐसे में समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए सभी को मिलकर बुराइयों के खिलाफ खड़ा होना होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान गायों की सेवा और संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में कन्नौज में प्रदेश का पहला काऊ मिल्क प्लांट स्थापित कराया गया था, जहां देशी गाय के दूध से उत्पाद बनाए जाते थे, जिससे किसानों और पशुपालकों को लाभ मिलता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने इस आधुनिक प्लांट को बंद कर दिया, जबकि इससे पशुपालकों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती थी।

प्रदेश की वर्तमान व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले कुछ समय से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं है। लगातार घटनाएं हो रही हैं और मीडिया पर भी दबाव बताया जा रहा है कि सच्ची घटनाएं सामने न आएं।
उन्होंने रसोई गैस की कमी को लेकर भी केंद्र और प्रदेश की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि गलत नीतियों के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और यह स्थिति सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाती है।



