लोहिया जयंती पर सपा का शक्ति प्रदर्शन, अखिलेश यादव ने समाजवादी विचारधारा को बताया समाधान


लखनऊ में लोहिया पार्क पर श्रद्धांजलि, महंगाई, जातीय जनगणना और असमानता के मुद्दों पर सरकार को घेरा
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश और अन्य राज्यों में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। मुख्य कार्यक्रम गोमतीनगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर अखिलेश यादव ने लोहिया पार्क पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अभिषेक मिश्र, संजय लाठर, रविदास मेहरोत्रा सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया ने गरीबों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा ही देश के किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों को खुशहाली के रास्ते पर ले जा सकती है। वर्तमान नीतियों के कारण अमीर-गरीब के बीच खाई बढ़ रही है, जिसे समाजवादी सोच से ही पाटा जा सकता है।
अखिलेश यादव ने महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुनाफाखोरी और भ्रष्टाचार इसकी मुख्य वजह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार करीबी उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए नीतियां बना रही है।
जातीय जनगणना के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को उनकी आबादी के अनुसार अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन सरकार इस दिशा में स्पष्ट कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने मांग की कि जातीय जनगणना कराई जाए, जिससे सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में बनाए गए लोहिया पार्क और जनेश्वर मिश्र पार्क जैसे विकास कार्य आज भी उदाहरण हैं। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



