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स्याही से लिखी किस्मत: ‘मोतियों जैसी लिखावट’ ने दिलाया सम्मान और तुरंत समाधान

कानपुर के जनता दर्शन में छात्रा की लिखावट बनी चर्चा का केंद्र, डीएम ने सराहा और मौके पर कराया समस्या का समाधान

  • ज्योति सिंह

कानपुर नगर। कानपुर में एक ऐसा प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जिसने यह साबित कर दिया कि साधारण दिखने वाली चीजें भी असाधारण प्रभाव छोड़ सकती हैं। जनतादर्शन के दौरान कक्षा 10 की छात्रा शिवानी द्वारा लिखे गए आवेदन ने न केवल सभी का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि एक समस्या के त्वरित समाधान का कारण भी बना।

कानपुर में आयोजित जनतादर्शन के दौरान जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत यह आवेदन अपनी ‘मोतियों जैसी’ साफ और सुंदर लिखावट के कारण चर्चा का विषय बन गया। आवेदन की लिखावट इतनी आकर्षक और सुसंगठित थी कि कई लोगों को यह कंप्यूटर से प्रिंट किया हुआ प्रतीत हुआ।

जनतादर्शन में मौजूद जितेंद्र प्रताप सिंह ने जब इस आवेदन को देखा तो वे काफी प्रभावित हुए। उन्होंने तुरंत जानना चाहा कि इतनी सुंदर लिखावट किसकी है। जानकारी मिलने पर उन्होंने छात्रा शिवानी की जमकर सराहना की और उसकी प्रतिभा को खुले मंच पर सराहा।

यह आवेदन केवल सुंदरता तक सीमित नहीं था, बल्कि एक गंभीर समस्या से जुड़ा हुआ था। मामला पेड़ों के विवाद से संबंधित था, जिसे लेकर छात्रा के परिजन जनतादर्शन पहुंचे थे। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके बाद मौके पर जांच कर विवाद का समाधान कर दिया गया।

डीएम के निर्देश पर विवेक कुमार मिश्रा ने मामले की जांच कर समाधान सुनिश्चित किया। इस प्रकार, एक साधारण से आवेदन ने न केवल ध्यान खींचा बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई को भी तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने छात्रा शिवानी को विशेष रूप से बुलाकर सम्मानित भी किया। उन्हें पेन सेट, किताबें और स्कूल बैग भेंट किए गए। साथ ही, डीएम ने छात्रा की कॉपियों का अवलोकन भी किया, जिनमें हर पृष्ठ पर समान रूप से सुंदर और स्पष्ट लिखावट दिखाई दी।

शिवानी माहेश्वरी दयानंद बब्बू लाल इंटर कॉलेज, उमरी नरवल की छात्रा है और उसने बिना किसी औपचारिक कैलियोग्राफी प्रशिक्षण के यह अनोखी प्रतिभा विकसित की है। उसकी लिखावट पूरी तरह से अभ्यास, अनुशासन और लगन का परिणाम है।

परिजनों के अनुसार, शिवानी को बचपन से ही साफ और सुंदर लिखने की आदत है। वह हमेशा अपनी कॉपियों को सुव्यवस्थित रखती है और हर अक्षर को स्पष्ट और आकर्षक बनाने पर ध्यान देती है।

यह प्रेरणादायक घटना न केवल छात्रों के लिए बल्कि समाज के हर व्यक्ति के लिए एक संदेश है कि निरंतर अभ्यास और समर्पण से कोई भी साधारण कला असाधारण पहचान में बदल सकती है।

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