अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिए गए निर्देश
- प्रतीक कुमार
महोबा। आज कलेक्ट्रेट में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न बोर्डों से मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रबन्धक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी को उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों से अवगत कराया गया।
निर्देश दिए गए कि कोई भी विद्यालय अभिभावकों को पुस्तकों के पैकेज के लिए बाध्य नहीं करेगा और न ही हर वर्ष कोर्स में बदलाव करेगा। सभी विद्यालयों में NCERT की पुस्तकों का उपयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, साथ ही सहायक पुस्तकों का भी प्रयोग किया जा सकता है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि विद्यालय अपने परिसर से पुस्तक वितरण नहीं करेंगे तथा बिना जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमति के शुल्क में वृद्धि नहीं की जाएगी। किसी विशेष दुकान से किताबें, जूते, मोजे या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में प्राप्त शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बैठक में विद्यालयों की समस्याओं को भी सुना गया और नियमानुसार उनके समाधान का आश्वासन दिया गया।


