पसीना, नमी और गलत आदतें बढ़ाती हैं परेशानी—एक्सपर्ट से समझें सही देखभाल
गर्मियों में पीरियड्स के दौरान पैड इस्तेमाल करते समय कई महिलाओं को खुजली, जलन और रैशेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह समस्या आम जरूर है, लेकिन सही देखभाल न होने पर काफी असहज बना सकती है। अधिक पसीना, नमी और लंबे समय तक एक ही पैड पहनने से यह परेशानी और बढ़ जाती है।
सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ प्रियंका साहू के मुताबिक, सही जानकारी और हाइजीन अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।
क्यों होते हैं खुजली और रैशेज?
गर्मियों में पीरियड्स के दौरान पैड से होने वाली परेशानी के पीछे कई कारण होते हैं—
- ज्यादा पसीना और नमी से बैक्टीरिया व फंगस बढ़ना
- लंबे समय तक एक ही पैड पहनना
- पैड की वजह से हवा का कम प्रवाह
- त्वचा में रगड़ से जलन और रेडनेस
- खुशबू या केमिकल वाले पैड से स्किन इरिटेशन
कैसे करें बचाव?
छोटी-छोटी आदतें अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है—
- हर 4–6 घंटे में पैड बदलें
- प्राइवेट एरिया को साफ और सूखा रखें
- कॉटन और बिना खुशबू वाले पैड इस्तेमाल करें
- टाइट कपड़े पहनने से बचें
- ज्यादा पसीना होने पर सफाई बढ़ाएं
- हमेशा साफ और सूखे अंडरवियर पहनें
कब डॉक्टर से मिलना जरूरी?
अगर खुजली और रैशेज 2–3 दिन में ठीक नहीं होते या बढ़ने लगते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। इन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें—
- तेज जलन या दर्द
- सूजन या त्वचा पर छाले/घाव
- दुर्गंध या असामान्य डिस्चार्ज
- बार-बार वही समस्या होना
डॉ प्रियंका साहू का कहना है कि बिना सलाह के दवा लेने से समस्या बढ़ सकती है, इसलिए सही जांच और उपचार जरूरी है।
निष्कर्ष
पीरियड्स के दौरान होने वाली खुजली और रैशेज आम समस्या है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही हाइजीन, समय पर पैड बदलना और त्वचा की देखभाल से आप इन समस्याओं से बच सकती हैं। अगर लक्षण बढ़ें, तो बिना देरी डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। गंभीर या लगातार समस्या होने पर डॉक्टर से जरूर परामर्श लें।


