शरीर की बनावट से लेकर रोजमर्रा की आदतें तक—ये वजहें बढ़ाती हैं यूटीआई का रिस्क
समय टुडे डेस्क।
महिलाओं में UTI यानी यूरिन इंफेक्शन एक आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है। साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने के बावजूद कई महिलाओं को बार-बार इस समस्या का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह सिर्फ हाइजीन नहीं, बल्कि शरीर की संरचना और कुछ दैनिक आदतें भी होती हैं।
कई बार महिलाएं इस विषय पर खुलकर बात नहीं कर पातीं, जिससे समस्या बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर जानकारी और सही आदतें अपनाकर इससे काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
क्यों होता है UTI का खतरा ज्यादा?
1. शरीर की संरचना
महिलाओं की यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग) पुरुषों की तुलना में छोटी होती है और गुदा के पास स्थित होती है। इससे बैक्टीरिया को मूत्राशय तक पहुंचना आसान हो जाता है, जिससे UTI का खतरा बढ़ता है।
2. ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स
इंटिमेट हाइजीन के नाम पर इस्तेमाल किए जाने वाले स्ट्रॉन्ग साबुन, वॉश या स्प्रे शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर सकते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
3. पानी कम पीना
कम पानी पीने से शरीर से बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते और लंबे समय तक पेशाब रोककर रखना भी इंफेक्शन को बढ़ावा देता है।
4. हार्मोनल बदलाव और अन्य कारण
पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव भी UTI के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंध या पार्टनर की साफ-सफाई की कमी भी कारण बन सकती है।

कैसे करें बचाव?
- पर्याप्त पानी पिएं: दिन में 2–3 लीटर पानी शरीर को साफ रखने में मदद करता है
- पेशाब न रोकें: जरूरत लगते ही वॉशरूम जाएं
- सही तरीके से सफाई करें: हमेशा आगे से पीछे (front to back) की दिशा में सफाई करें
- माइल्ड प्रोडक्ट्स चुनें: ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से बचें
- यौन संबंध के बाद पेशाब करें: इससे बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं
- ढीले और कॉटन कपड़े पहनें: नमी कम रहती है और बैक्टीरिया पनपने का खतरा घटता है
- बार-बार समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें: खुद दवा लेने से बचें
निष्कर्ष
यह समझना जरूरी है कि UTI सिर्फ साफ-सफाई से जुड़ी समस्या नहीं है। शरीर की बनावट, हार्मोन और लाइफस्टाइल भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। सही जानकारी और समय पर इलाज से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।


