
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया द्वितीय चरण का उद्घाटन, सीएम योगी बोले—महत्वपूर्ण चौराहों पर लगाए जाएं टैंक
- अनुराधा सिंह
लखनऊ। देश के रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र में स्थित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) का भव्य लोकार्पण किया। यह संग्रहालय इकाना क्रिकेट स्टेडियम के निकट लगभग दो एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है, जो भारतीय नौसेना की वीरता, शौर्य और आधुनिक तकनीकी दक्षता को समर्पित है।
कार्यक्रम में जल सीमाओं के सजग प्रहरियों की वीरता एवं समर्पण को नमन किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह वाटिका देशभक्ति और सैन्य गौरव का प्रतीक है, जो नई पीढ़ी को सशस्त्र बलों के त्याग और समर्पण से प्रेरित करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही नौसेना शौर्य संग्रहालय में एक पनडुब्बी भी प्रदर्शित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे संग्रहालय देश के सैन्य इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युद्ध में प्रयुक्त टैंकों को प्रदेश के महत्वपूर्ण चौराहों पर स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे युवाओं में प्रेरणा और सेना के प्रति सम्मान बढ़े। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब एक ऐसे शहर के रूप में विकसित हो रहा है, जहां देश की विरासत, परंपरा और सुरक्षा से जुड़े केंद्र एक साथ देखने को मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि INS गोमती को गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया है, जिससे युवाओं को भारतीय नौसेना के इतिहास और देश सेवा की प्रेरणा मिलेगी।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना देश के समुद्री मार्गों की सुरक्षा में पूर्णतः सक्षम है और देश की आर्थिक प्रगति समुद्र से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक अधिकारी, नाविक एवं अग्निवीर भारतीय नौसेना में सेवा दे रहे हैं, जो राज्य के गौरव को दर्शाता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि यह नौसेना शौर्य वाटिका युवाओं को देश की समुद्री शक्ति, इतिहास और नौसेना के योगदान को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री एवं नौसेना अधिकारियों ने भारतीय नौसेना के सभी वीर जवानों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की।


