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ड्रंक एंड ड्राइव पर यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 लाख वाहनों की जांच

प्रदेशव्यापी विशेष अभियान में 76,454 चालान, 56.91 करोड़ रुपये के अर्थदंड की कार्रवाई; मद्यपान, ध्वनि प्रदूषण, बिना HSRP और नाबालिग वाहन चालकों पर कसा शिकंजा

  • सौरभ शुक्ला

लखनऊ। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध व्यापक विशेष अभियान चलाया। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर तथा यातायात निदेशालय के मार्गदर्शन में 9 मई 2026 से 14 जून 2026 तक प्रत्येक शनिवार और रविवार को यह अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान मद्यपान कर वाहन चलाने, ध्वनि प्रदूषण फैलाने, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के बिना वाहन संचालन तथा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों पर विशेष निगरानी रखी गई। यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।

यातायात विभाग के अनुसार प्रदेश के 135 टोल प्लाजाओं पर कुल 3,645 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए। इस दौरान 10,24,030 वाहनों की जांच की गई। जांच में 13,431 वाहन चालक मद्यपान कर वाहन चलाते पाए गए, जबकि 28,477 मामलों में ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके अतिरिक्त 33,616 वाहन बिना एचएसआरपी के संचालित होते मिले तथा 930 मामलों में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की पुष्टि हुई।

विशेष अभियान के अंतर्गत कुल 76,454 चालान किए गए और यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगभग 56.91 करोड़ रुपये के अर्थदंड की कार्रवाई की गई। साथ ही निर्माण सामग्री परिवहन करने वाले डंपर और ट्रकों की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का सत्यापन भी कराया गया।

अभियान की एक विशेष पहल के तहत महिला पुलिसकर्मियों द्वारा “मीट एंड ग्रीट” कार्यक्रम चलाया गया। इसके अंतर्गत परिवार के साथ यात्रा कर रही महिलाओं से संवाद स्थापित कर उनकी सुरक्षा एवं यात्रा संबंधी समस्याओं की जानकारी ली गई। पुलिस द्वारा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए महिला सुरक्षा और जनसहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण से यह सामने आया है कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 में क्रमशः 8.61 प्रतिशत, 6.05 प्रतिशत और 3.51 प्रतिशत दुर्घटनाएं मद्यपान कर वाहन चलाने के कारण हुई थीं। विशेष रूप से सप्ताहांत में नशे की हालत में वाहन चलाने की घटनाएं अधिक सामने आती हैं, जिससे सड़क उपयोगकर्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।

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