राज्यपाल की प्रेरणा और कुलपति के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम, पुस्तकों को ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं का आधार बताया गया
- मनीष कुमार
कानपुर नगर। एस.एन. सेन बालिका स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पी.जी. कॉलेज), कानपुर में छात्राओं में पठन संस्कृति विकसित करने और पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से ‘एक पुस्तक पढ़ें’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय कुलाधिपति/राज्यपाल की प्रेरणा तथा माननीय कुलपति के मार्गदर्शन में महाविद्यालय की पुस्तकालय समिति द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुमन ने कहा कि “ज्ञान का जो बढ़ता ग्राफ है, उसमें किताबों का ही हाथ है।” उन्होंने कहा कि पुस्तकें नई खोज और सकारात्मक सोच का मार्ग प्रशस्त करती हैं तथा अज्ञानता का नाश करती हैं। उन्होंने छात्राओं को साहित्य, विज्ञान, कला सहित विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुस्तकों और रामायण के विभिन्न अनुवादों का उल्लेख करते हुए महत्वपूर्ण संदर्भ पुस्तकों के अध्ययन पर विशेष बल दिया।
पुस्तकालय समिति की प्रभारी एवं दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. किरण ने छात्राओं को नियमित पुस्तक पठन की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का अध्ययन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।
कार्यक्रम में डॉ. रेनू कुरील ने पुस्तकों को मनुष्य का सबसे अच्छा मित्र बताते हुए ज्ञानवर्धन के लिए नियमित अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. मोनिका सहाय ने पुस्तक पठन को मनोविज्ञान से जोड़ते हुए इसके मानसिक विकास में योगदान की चर्चा की, जबकि अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. कोमल सरोज ने साहित्य की विविध विधाओं के माध्यम से पुस्तक अध्ययन के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. रोली मिश्रा ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. रेशमा और डॉ. श्वेता रानी ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर महाविद्यालय की कुलानुशासक कैप्टन ममता अग्रवाल, प्रो. निशा वर्मा, प्रो. प्रीति पाण्डेय, प्रो. मीनाक्षी व्यास, डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. शुभा बाजपेयी सहित महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।


