37वीं वाहिनी पीएसी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कुपोषण, पोषण और रोजगार की संभावनाओं पर दी जानकारी
हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। 37वीं वाहिनी पीएसी स्थित पुलिस मॉडर्न स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए ‘स्पिरुलिना (शैवाल) और इसके फायदे’ विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्पिरुलिना के पोषण संबंधी लाभों, स्वास्थ्य पर इसके सकारात्मक प्रभाव तथा इसके उत्पादन से जुड़ी रोजगार संभावनाओं की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में 37वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक बी.बी. चौरसिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रकाश डाला।
विशेष अतिथि भवन पटेल ने बताया कि शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से अनेक गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सीमित है, वहां स्पिरुलिना (शैवाल) कुपोषण दूर करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में स्पिरुलिना उत्पादन के क्षेत्र में युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
कार्यक्रम के दौरान विजय कोठेकर ने विद्यार्थियों को एल्गी (शैवाल) कल्चर का लाइव प्रदर्शन कर स्पिरुलिना उत्पादन की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने सरल भाषा में स्पिरुलिना के सेवन की सही विधि तथा इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देते हुए इसे एक पौष्टिक सुपरफूड बताया।
कार्यक्रम के समापन पर सेनानायक बी.बी. चौरसिया ने विद्यार्थियों को स्पिरुलिना के महत्व से अवगत कराते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद गुजरात से आए भवन पटेल एवं महाराष्ट्र से आए विजय कोठेकर को उनके उत्कृष्ट मार्गदर्शन एवं योगदान के लिए स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पुलिस मॉडर्न स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती मीनू शुक्ला, शिविरपाल चंदेश्वर, मीडिया सेल प्रभारी रामेंद्र सिंह, पीसी राहुल यादव, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, पुलिस कर्मी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


