अध्यक्ष के. विजयेन्द्र पांडियन की अध्यक्षता में 35वीं शासी निकाय बैठक, महिलाओं, दिव्यांगों और कमजोर वर्ग को कौशल प्रशिक्षण देने पर जोर
- ज्योति सिंह
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), हस्तशिल्प उत्पादों और निर्यातक इकाइयों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से यूपी ट्रेड प्रमोशन अथॉरिटी ने व्यापक रणनीति तैयार की है। मंडलायुक्त शिविर कार्यालय में आयुक्त एवं निदेशक उद्योग तथा यूपी ट्रेड प्रमोशन अथॉरिटी के अध्यक्ष के. विजयेन्द्र पांडियन की अध्यक्षता में आयोजित 35वीं शासी निकाय बैठक में व्यापार संवर्धन, कौशल विकास और निर्यात को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के ODOP और हस्तशिल्प उत्पादों को देश-विदेश के प्रमुख व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध हों और उद्यमियों को निर्यात के बेहतर अवसर मिल सकें।
बैठक के दौरान अध्यक्ष के. विजयेन्द्र पांडियन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाओं और दिव्यांगजनों को कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर मिल सकें। इसके लिए यूपी ट्रेड प्रमोशन अथॉरिटी के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे।

बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यूपी ट्रेड प्रमोशन अथॉरिटी का नाम बदलकर ‘यूपी ट्रेड एंड स्किल प्रमोशन सेंटर’ किए जाने पर भी सहमति बनी। नए स्वरूप में संस्था व्यापार संवर्धन के साथ-साथ कौशल विकास कार्यक्रमों को भी व्यापक स्तर पर संचालित करेगी, जिससे उद्योग, उद्यमिता और रोजगार को नई गति मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि नई रणनीति का उद्देश्य प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को आधुनिक बाजार से जोड़ने तथा युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाने का है।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सदस्य सचिव उमेश चंद्र, लेखाधिकारी शिशिर चंद्र निगम, जिला सूचना अधिकारी शांतनु कुमार श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम के प्रतिनिधि, यूपिका के अमित पाल सिंह, चार्टर्ड अकाउंटेंट पी.के. मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


