पुलिस की रोक के बाद आवास पर हुआ 24 घंटे का सत्याग्रह, निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित सत्याग्रह को पुलिस द्वारा फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर आयोजित नहीं होने दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस की बैरिकेडिंग और रोक के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई ने अपने समर्थकों के साथ काकादेव स्थित आवास पर ही 24 घंटे का सत्याग्रह किया।
सत्याग्रह के समापन के बाद विधायक अमिताभ बाजपेई ने भारत की महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एडीसीपी अर्चना सिंह को सौंपा। उन्होंने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष परीक्षा, समान अवसर और न्याय की मांग कर रहा है। लगातार पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि नीट परीक्षा पेपर लीक से देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे हैं और वर्षों की मेहनत करने वाले लाखों छात्रों व उनके परिवारों का विश्वास प्रभावित हुआ है। साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि नीट पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। इसके अलावा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, पेपर लीक से उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को आर्थिक सहायता तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की गई।
सत्याग्रह के दौरान समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।


