देवी सुभद्रा का रथ खींचते समय बिगड़ी श्रद्धालु की तबीयत, इलाज के दौरान तोड़ा दम; भीड़ प्रबंधन को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल
अंकित कुमार
पुरी। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की बहुड़ा रथयात्रा के दौरान एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। इस घटना के साथ ही इस वर्ष की रथयात्रा के दौरान जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। घटना के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है, जबकि विपक्ष ने आयोजन के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान कटक निवासी अभिराम दास (57) के रूप में हुई है। वह देवी सुभद्रा के ‘दर्पदलन’ रथ को खींचने में शामिल थे। इसी दौरान बगला धर्मशाला के पास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से उन्हें तुरंत पुरी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य सेवा निदेशक महेश मोहन पांडा ने बताया कि अभिराम दास उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे और नियमित रूप से दवा ले रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और उमस के बीच उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बहुड़ा यात्रा के दौरान अस्वस्थ महसूस करने वाले करीब 100 श्रद्धालुओं को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। इनमें अधिकांश लोगों को प्राथमिक उपचार और कुछ समय निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि सात श्रद्धालुओं को भर्ती किया गया है। चिकित्सकों ने उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है।
पुलिस का कहना है कि घटना के समय रथ के आसपास अत्यधिक भीड़ का दबाव नहीं था। हालांकि, पुरी में दिनभर गर्म और उमस भरा मौसम बना रहा तथा शाम के समय सापेक्ष आर्द्रता 85 से 90 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि इससे पहले 16 जुलाई को गुंडिचा मंदिर की ओर रथ ले जाए जाने के दौरान भी दो श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी थी। इनमें एक की मौत कथित तौर पर दम घुटने से और दूसरे की हृदयाघात से हुई थी। ताजा घटना के बाद इस वर्ष की रथयात्रा के दौरान मृतकों की संख्या तीन हो गई है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तीनों मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
इस बीच, विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने रथयात्रा के दौरान कथित अव्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने एक वीडियो जारी कर भगवान जगन्नाथ के ‘नंदीघोष’ रथ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति होने का दावा किया है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बीजद के उपाध्यक्ष संजय दास बर्मा ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासनिक कुप्रबंधन के कारण रथयात्रा के दौरान तीन लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हुए। पार्टी का दावा है कि कुल 102 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें 24 की हालत गंभीर बताई गई है और उनका ट्रॉमा केयर यूनिट में इलाज चल रहा है।
बीजद ने मृतकों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा देने, गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर उपचार के लिए भुवनेश्वर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में स्थानांतरित करने तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि रथयात्रा के शेष कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ प्रबंधन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।


