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विश्व ओआरएस सप्ताह: बच्चों को डायरिया से बचाव के प्रति किया गया जागरूक

भारतीय बालरोग अकादमी कानपुर ने एसजीएम इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम, ओआरएस के महत्व की दी जानकारी

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। विश्व ओआरएस सप्ताह के अवसर पर भारतीय बालरोग अकादमी (आईएपी) कानपुर की ओर से इंदिरा नगर स्थित एसजीएम इंटरनेशनल स्कूल में ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 60 विद्यार्थियों ने भाग लेकर डायरिया से बचाव और ओआरएस के सही उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शैलेंद्र गौतम और अजय खन्ना ने किया। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र गौतम ने बताया कि भारत में डायरिया से होने वाली बाल मृत्यु के मामलों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि डायरिया के दौरान शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) ही मृत्यु का प्रमुख कारण होती है, जिसे समय पर ओआरएस देकर रोका जा सकता है।

उन्होंने बताया कि बच्चों में होने वाले लगभग 70 से 80 प्रतिशत डायरिया के मामले वायरल संक्रमण के कारण होते हैं। ऐसे मामलों में बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि अधिकांश वायरल संक्रमण में इनकी आवश्यकता नहीं होती।

कार्यक्रम में डॉ. जे.के. गुप्ता ने कहा कि यदि बच्चे को बार-बार दस्त हो रहे हों, लगातार उल्टी हो रही हो, पेशाब कम आ रही हो या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो इसे गंभीर स्थिति मानते हुए तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए।

जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ओआरएस घोल तैयार करने की सही विधि, डायरिया से बचाव के उपाय और स्वच्छता के महत्व की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर अजय खन्ना, विद्यालय के प्रधानाचार्य संदीप पाठक, अजीत अग्रवाल, शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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