HomeNEWSआंत–मस्तिष्क संबंध एवं प्रबंधन विषय पर कार्यशाला आयोजित

आंत–मस्तिष्क संबंध एवं प्रबंधन विषय पर कार्यशाला आयोजित

वाराणसी के नई सुबह संस्थान में विशेषज्ञों ने गट–ब्रेन कनेक्शन और मानसिक स्वास्थ्य पर साझा किए महत्वपूर्ण विचार

रोशनी सिंह

वाराणसी। नई सुबह संस्थान, वाराणसी में “द गट–ब्रेन कनेक्शन एंड इट्स मैनेजमेंट” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में आयुर्वेद, होम्योपैथी, फार्मेसी, नर्सिंग, मनोविज्ञान एवं संबद्ध क्षेत्रों के चिकित्सकों, विद्यार्थियों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अवनीश राय (केयर हॉस्पिटल), नई सुबह संस्थान के निदेशक डॉ. अजय तिवारी, डॉ. राहुल शर्मा एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में डॉ. अवनीश राय ने गट–ब्रेन कनेक्शन, मानसिक स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव तथा उसके प्रभावी प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

नई सुबह संस्थान के निदेशक डॉ. अजय तिवारी ने मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस प्रकार के शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली के बीच ऐसे आयोजन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

समापन समारोह में जीवक मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. सुनील गौतम मुख्य अतिथि, डॉ. अनुराग श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि तथा वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार तिवारी गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

डॉ. सुनील गौतम ने कहा कि आयुर्वेद में रोग की प्रकृति के अनुसार उपचार की विभिन्न प्रभावी विधियां उपलब्ध हैं। वहीं, डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि पेट और मस्तिष्क का सीधा संबंध होता है, इसलिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए दोनों का स्वस्थ होना आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अजय तिवारी ने सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक और जन-जागरूकता आधारित कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यशाला के सफल आयोजन में अर्पिता मिश्रा, राजीव कुमार सिन्हा, अमरेश कुमार यादव, डॉ. जी.सी.के. परेरा तथा एम.फिल. (क्लिनिकल साइकोलॉजी) के विद्यार्थियों सहित संस्थान के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन सुश्री रालिका तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अजय तिवारी ने प्रस्तुत किया।

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