
अटारी कानपुर में ‘कृषक चौपाल एवं प्रदर्शनी’ का आयोजन, किसान–वैज्ञानिक संवाद में नवाचार और आधुनिक तकनीकों पर हुआ मंथन
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन-तृतीय, कानपुर द्वारा संस्थान परिसर में ‘कृषक चौपाल एवं प्रदर्शनी : किसान–वैज्ञानिक नवाचार संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (आईसीएआर) डॉ. एम.एल. जाट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर अटारी कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने अटारी कानपुर तथा इसके अधीन संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) की प्रमुख उपलब्धियों और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पद्मश्री किसान चन्द्रशेखर सिंह, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता तथा महिला उद्यमी श्रीमती नीलम त्यागी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कृषि एवं ग्रामीण विकास में नवाचार तथा किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
विकसित भारत के निर्माण में केवीके की महत्वपूर्ण भूमिका
किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि देशभर के कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी किसानों की सेवा में निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों को सशक्त बनाकर विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केवीके द्वारा किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक जानकारी और कृषि नवाचारों को पहुंचाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का भी आश्वासन दिया।
जनपद स्तर पर क्षमता निर्माण के हब बनेंगे केवीके
डॉ. जाट ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों को जनपद स्तर पर क्षमता निर्माण के महत्वपूर्ण केन्द्र एवं हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों को आधुनिक ज्ञान, तकनीक और कौशल से सशक्त बनाना है।
उन्होंने कहा कि अटारी एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों को उपलब्ध कराई जाने वाली वित्तीय सहायता को भी और मजबूत किया जाएगा, ताकि इनके महत्वपूर्ण कार्यों के संचालन में वित्तीय बाधा न आए।
किसान चौपाल में सीधे हुआ संवाद
कार्यक्रम के दौरान डॉ. एम.एल. जाट ने किसानों एवं वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया। उनकी अध्यक्षता में आयोजित किसान चौपाल में किसानों ने कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों और अपनी समस्याओं को सामने रखा। वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों एवं संभावित समाधानों की जानकारी दी।
कृषि उत्पादों एवं नवाचारों की प्रदर्शनी
कार्यक्रम स्थल पर कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें विभिन्न जनपदों के ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओडीओपी) सहित अन्य कृषि उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। किसानों और अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में पद्मश्री किसान, उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील कृषक, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के निदेशक प्रसार, कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं अटारी कानपुर के वैज्ञानिक तथा अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
इसके अलावा सहायक महानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. रंजय सिंह, डॉ. आर.आर. बर्मन, देशभर के आईसीएआर अटारी के निदेशक तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि किसान, वैज्ञानिक और कृषि संस्थान मिलकर आधुनिक तकनीक एवं नवाचार को खेत तक पहुंचाएं, जिससे किसानों की आय, कृषि उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले तथा विकसित भारत के संकल्प को गति प्रदान की जा सके।


