छह दिवसीय अभियान में स्कूलों, आरडब्ल्यूए, व्यापार मंडलों और युवा संगठनों की होगी भागीदारी
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। मीजल्स-रूबेला उन्मूलन के लिए जनपद में एक सितंबर से छह दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के लिए जिले के 13 संवेदनशील हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग विशेष फोकस के साथ जागरूकता एवं अन्य गतिविधियां संचालित करेगा।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर निगम, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस सहित विभिन्न विभागों का समन्वय रहेगा। इसके अलावा स्कूलों, व्यापार मंडलों, युवा संगठनों तथा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
डीएम ने दिए समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश
शनिवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में अभियान की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि मीजल्स-रूबेला उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। इसके लिए समुदाय और स्थानीय संगठनों को सक्रिय रूप से अभियान से जोड़ा जाए तथा अभिभावकों तक प्रभावी ढंग से जागरूकता संदेश पहुंचाया जाए।
13 संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
जनपद में जाजमऊ, गोपाल नगर, रावतपुर, गीता नगर, ननकारी, सुजातगंज, विजय नगर, धोबी घाट, अनवरगंज, कंगही मोहाल, बिरहाना रोड, फेथफुलगंज और बेनाझाबर को संवेदनशील हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है।
जिलाधिकारी ने इन क्षेत्रों में विशेष फोकस रखते हुए लोगों तक अभियान की पहुंच बढ़ाने तथा अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए। स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क के लिए आरडब्ल्यूए, व्यापार मंडलों, स्कूलों और युवा संगठनों का सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया।
मीजल्स बच्चों को प्रभावित करने वाली संक्रामक बीमारी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि मीजल्स एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, शरीर पर लाल दाने, खांसी, नाक बहना और आंखों में लालिमा शामिल हो सकते हैं। गंभीर मामलों में निमोनिया सहित अन्य जटिलताएं भी हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि रूबेला में भी बुखार और शरीर पर दाने प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। अभियान के माध्यम से बीमारी की रोकथाम, जागरूकता और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।


