
UGC के नए प्रावधानों के विरोध में ‘UGC रोल बैक’ के नारे, मोतीझील से आजाद पार्क तक गूंजा युवाओं का विरोध
- अंकित बाजपेई
कानपुर नगर। आरक्षण व्यवस्था में सुधार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग को लेकर कानपुर में युवाओं ने विशाल मशाल जुलूस निकाला। भाजपा नेता एवं युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री अरविंद राज त्रिपाठी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए।
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शन का उद्देश्य किसी जाति या समुदाय के खिलाफ आवाज उठाना नहीं, बल्कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार, समान अवसर, पारदर्शिता और योग्यता को उचित महत्व देने की मांग को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना था।
मोतीझील से शुरू हुआ मशाल मार्च
मशाल जुलूस की शुरुआत मोतीझील स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क गेट से हुई। हाथों में जलती मशालें लेकर युवा अनुशासित तरीके से जुलूस में शामिल हुए। जुलूस मोतीझील से स्वरूप नगर के गोल चौराहे होते हुए आजाद पार्क (नेहरू पार्क) पहुंचा, जहां इसका समापन किया गया।
पूरे रास्ते प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार और UGC के हालिया प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर नारे लगाए। ‘UGC रोल बैक’ सहित विभिन्न नारों के जरिए युवाओं ने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।

‘आरक्षण में सुधार समय की मांग’
जुलूस का नेतृत्व कर रहे भाजपा नेता अरविंद राज त्रिपाठी ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर और न्याय मिलना आवश्यक है। उनके अनुसार, आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था में समय के साथ आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए, ताकि जरूरतमंद और योग्य युवाओं के हितों का भी ध्यान रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि UGC के जिन प्रावधानों को लेकर सामान्य वर्ग के छात्रों और युवाओं में असंतोष है, सरकार को उन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी वर्ग का विरोध करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार की मांग को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है।
शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा प्रदर्शन
आयोजकों ने बताया कि मशाल जुलूस के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। जुलूस में शामिल युवाओं ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से शासन-प्रशासन तक पहुंचाया।
प्रदर्शन के समापन पर आजाद पार्क में युवाओं ने आरक्षण नीति में सुधार और UGC के नए प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग को आगे भी उठाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
मशाल जुलूस में अरविंद राज त्रिपाठी के अलावा रविंद्र पाटनी, सोनू पाण्डेय, आशुतोष दीक्षित, राघवेंद्र मिश्रा, धीरू त्रिपाठी, भानु भदौरिया, पीयूष मिश्रा, योगेंद्र अग्निहोत्री, आलोक मिश्रा, अनुराग मिश्रा, ऋषि सहित कई युवा, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आयोजकों ने कहा कि कानपुर से उठी यह आवाज आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा और आरक्षण सुधार तथा UGC से जुड़े मुद्दों पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।


