
एक दिन का वेतन काटने और एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के निर्देश; प्राइवेट वेंडरों की मौजूदगी पर भी मांगी रिपोर्ट
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को अपराह्न करीब 2 बजे प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में पांच वरिष्ठ सहायक राकेश कुमार सिंह, संजीव कुमार श्रीवास्तव, रजनी वर्मा, सतीश पाण्डेय एवं क्षेम अग्निहोत्री अनुपस्थित पाए गए।
जिलाधिकारी ने अनुपस्थित पांचों कार्मिकों का एक दिन का वेतन काटने तथा उनसे एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया कि संबंधित कार्मिकों को कार्यालय से अनुपस्थित रहने की अनुमति किस अधिकारी द्वारा दी गई थी।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के साथ-साथ पर्यवेक्षणीय अधिकारी की जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाएगी।
निःशुल्क पंजीकरण काउंटर स्थापित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए प्राइवेट वेंडर बैठे मिले। वहीं कार्यालय के भीतर अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क पंजीकरण की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई।
इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्यालय में निःशुल्क पंजीकरण काउंटर/हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही इसकी जानकारी मुख्य द्वार सहित कार्यालय के प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा, ताकि अभ्यर्थियों को निजी वेंडरों पर निर्भर न रहना पड़े।
प्राइवेट वेंडरों को कार्यालय परिसर के बाहर बैठने की अनुमति किस अधिकारी और किस व्यवस्था के तहत दी गई, इसकी तीन कार्य दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
कार्य-वितरण और कर्मचारियों की तैनाती पर मांगी रिपोर्ट
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी की तैनाती होने के बावजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अद्यतन कार्य-वितरण उपलब्ध नहीं था। विशेष रूप से लेखा अनुभाग में चार कर्मचारियों की तैनाती पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रत्येक अनुभाग के वास्तविक कार्यभार की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कार्यभार के सापेक्ष कर्मचारियों की तैनाती का औचित्य स्पष्ट करते हुए तीन कार्य दिवस के भीतर विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने को कहा।
रोजगार मेलों की वास्तविक प्रभावशीलता जांचने के निर्देश
जिलाधिकारी ने वर्ष 2026 में आयोजित रोजगार मेलों की वास्तविक प्रभावशीलता की भी जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल रोजगार मेलों में चयनित अभ्यर्थियों की संख्या को उपलब्धि के रूप में प्रदर्शित करना पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को यह सत्यापित करने के निर्देश दिए कि चयनित अभ्यर्थियों में से कितने लोगों ने वास्तव में संबंधित नियोजक के यहां कार्यभार ग्रहण किया और वर्तमान में कितने अभ्यर्थी कार्यरत हैं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट सात कार्य दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सेवायोजन कार्यालय की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने पर जोर देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए।


