15 करोड़ की पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी, झांसी महोत्सव के लिए 50 लाख स्वीकृत; यातायात, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था पर भी दिए निर्देश
- नरेश राठौर
झांसी। जनपद के विकास और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में पर्यटन, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और निर्माण कार्यों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में झांसी के पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई। इन परियोजनाओं के तहत चंपत राय महल, रघुनाथ राय महल, लहर की देवी मंदिर, एरच, बंगरा और मोठ समेत 10 से अधिक मंदिरों एवं पर्यटन स्थलों के विकास का प्रस्ताव है। पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने और विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शहर में 45 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा वाले मार्गों पर रात के समय 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की गति पर ऑनलाइन चालान नहीं काटे जाने संबंधी व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सफेद पट्टी के भीतर खड़े वाहनों के चालान को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मेडिकल कॉलेज से जुड़ी शिकायत का मामला भी सामने आया। आयुष्मान योजना के लाभार्थियों से बाहर से दवा और सर्जरी का सामान मंगाए जाने की शिकायत की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए। अधिकारियों से मामले की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ग्राम पंचायत सिमरावारी और झांसी नगर निगम के बीच एमओयू किए जाने की जानकारी दी गई। इसके तहत सिमरावारी ग्राम पंचायत से निकलने वाले कचरे को बिजौली सेंटर पहुंचाकर उसका निस्तारण किया जाएगा। बैठक में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में झांसी महोत्सव के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने की भी जानकारी दी गई। महोत्सव के आयोजन से जुड़ी तैयारियों और व्यवस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रभारी मंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था पर जोर दिया। इसके लिए आईआईटी और आईआईएम जैसी संस्थाओं की विशेषज्ञ टीमों के माध्यम से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की बात कही गई।
बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करने और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार लाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी की ओर से जिले में की जा रही विभिन्न अभिनव पहलों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विकास कार्यों में तेजी बनाए रखने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी गौरांग राठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में झांसी के विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, बेहतर यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता को लेकर विभागवार कार्यों की समीक्षा की गई।


