
साहित्यकारों के लिए नया डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने का प्रस्ताव, पूर्व पुलिस अधीक्षक अजय कुलश्रेष्ठ ने दिया सहयोग का भरोसा
- सौम्या पाण्डेय
कानपुर नगर। साहित्यकार सहयोग संगठन की ओर से मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को पूर्व पुलिस अधीक्षक अजय कुलश्रेष्ठ के संयोजन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद राघव दुबे ने वाणी वंदना प्रस्तुत की।
गोष्ठी में संगठन के फाउंडर मेंबर रत्नेश सिंह ने साहित्यकारों की रचनाओं की चोरी की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने साहित्यकारों को अपनी रचनाओं के लिए एक नया और बेहतर मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक एप्लिकेशन तैयार करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव का उपस्थित सभी साहित्यकारों ने एक स्वर में समर्थन किया।
संयोजक एवं पूर्व पुलिस अधीक्षक अजय कुलश्रेष्ठ ने कहा कि वर्तमान समय में साहित्यकारों की रचनाओं को सुरक्षित रखने और उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने के लिए इस तरह के एप्लिकेशन की आवश्यकता है। उन्होंने रत्नेश सिंह से एप्लिकेशन तैयार करने की दिशा में कार्य शुरू करने का आग्रह करते हुए कहा कि इसमें जहां भी उनके सहयोग की आवश्यकता होगी, वह सहयोग प्रदान करेंगे।
इसके बाद गोष्ठी में उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया। अजय कुलश्रेष्ठ ने साहित्यकारों की रचनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन साहित्यकारों को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ ही आपसी आत्मीयता को भी बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम में कुसुम सिंह अविचल, जलन सर्राफ, अवशेष विश्वकर्मा, पीएन शर्मा, अजीत राठौर, राघव दुबे, डॉ. माहे तिलत सिद्दीकी, रीता सिंह, अक्षत व्योम, डॉ. राधा शाक्य, कमलेश शुक्ला कीर्ति सहित कई साहित्यकारों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक डॉ. सुषमा सेंगर ने सभी उपस्थित साहित्यकारों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


